गुवाहाटी, 18 जून (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं से भविष्य के रोजगार बाजार को ध्यान में रखते हुए अपने करियर की योजना बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ग्रीन एनर्जी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र आने वाले वर्षों में रोजगार के प्रमुख स्रोत बनेंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर किए गए एक संदेश में मुख्यमंत्री ने हाल ही में घोषित कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणामों का उल्लेख करते हुए छात्रों को बदलते आर्थिक परिदृश्य के अनुरूप अपने करियर का चयन करने की सलाह दी।
उन्होंने लिखा, “अगर आपके 12वीं के नतीजे आ गए हैं और आप अपने करियर की अगली दिशा तय कर रहे हैं, तो उन क्षेत्रों पर ध्यान दें जो आने वाले समय में असम के रोजगार बाजार को आकार देंगे। अवसरों की कोई कमी नहीं होगी, बस खुद को उनके लिए तैयार रखें।”
मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट के साथ "असम के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना" शीर्षक वाला एक इन्फोग्राफिक भी साझा किया, जिसमें उन क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें राज्य सरकार भविष्य में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का आधार मान रही है।
इन्फोग्राफिक के अनुसार, सेमीकंडक्टर उद्योग में चिप निर्माण और उससे जुड़े क्षेत्रों में नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। यह क्षेत्र पूर्वोत्तर भारत के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है।
जगीरोड (मोरीगांव जिला) में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग यूनिट स्थापित होने के बाद असम सेमीकंडक्टर निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को भी तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र बताते हुए कहा कि इससे तकनीक और डेटा आधारित करियर के नए अवसर पैदा होंगे। वहीं, सौर ऊर्जा, जलविद्युत और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं सहित ग्रीन एनर्जी सेक्टर को भी रोजगार की अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र बताया गया।
इसके अलावा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, जिसमें आधुनिक उत्पादन तकनीक और कुशल औद्योगिक कार्य शामिल हैं, को भी भविष्य में रोजगार सृजन का प्रमुख माध्यम बताया गया है।
मुख्यमंत्री की यह अपील ऐसे समय आई है जब असम सरकार औद्योगीकरण, कौशल विकास और निवेश को बढ़ावा देकर राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करने पर जोर दे रही है।
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में हो रहे निवेश से आने वाले वर्षों में असम पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख रोजगार केंद्र बन सकता है।