नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। देश की सैन्य परंपराओं और गौरवशाली विरासत का एक और महत्वपूर्ण अध्याय 13 जून को लिखा जाएगा। एक ओर हैदराबाद स्थित वायुसेना अकादमी में संयुक्त स्नातक परेड का आयोजन होगा। वहीं, भारतीय सैन्य अकादमी में पासिंग आउट परेड के दौरान भारतीय और विदेशी कैडेट अधिकारी के रूप में अपने सैन्य जीवन की नई शुरुआत करेंगे। वायुसेना अकादमी की संयुक्त स्नातक परेड एक बेहद महत्वपूर्ण आयोजन है।
वायुसेना का कहना है कि हैदराबाद स्थित वायुसेना अकादमी में 13 जून की सुबह 7 बजे से संयुक्त स्नातक परेड आयोजित की जाएगी। इस भव्य समारोह की समीक्षा रक्षा मंत्री राजनाथ करेंगे। यह परेड उन कैडेटों के लिए एक यादगार अवसर होगी जिन्होंने कठोर प्रशिक्षण, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने सैन्य सफर का महत्वपूर्ण चरण पूरा किया है। इस अवसर पर कैडेट भारतीय वायुसेना के अधिकारी के रूप में देश सेवा की शपथ लेते हुए नए दायित्वों का निर्वहन करने के लिए तैयार होंगे।
गौरतलब है कि वायुसेना अकादमी वह महत्वपूर्ण स्थान है जहां युवाओं के सपनों को पंख मिलते हैं। अकादमी में युवा अधिकारियों के व्यक्तित्व का निर्माण होता है और भविष्य के सैन्य नेतृत्व को आकार दिया जाता है। संयुक्त स्नातक परेड का सीधा प्रसारण भी 13 जून को सुबह 7 बजे से देखा जा सकेगा। वहीं भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड से पहले विभिन्न मित्र देशों के विदेशी कैडेटों ने अपने अनुभव साझा किए हैं। इन अनुभवों ने न केवल अकादमी की वैश्विक प्रतिष्ठा को रेखांकित किया है, बल्कि भारत और मित्र देशों के बीच रक्षा सहयोग तथा मित्रता के मजबूत संबंधों को भी प्रदर्शित किया है।
भूटान के एक विदेशी कैडेट ने 13 जून की पासिंग आउट परेड से पहले भारतीय सैन्य अकादमी में बिताए अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि अकादमी में प्राप्त अनुशासन, सत्यनिष्ठा और दृढ़ता जैसे मूल्यों ने उन्हें सैन्य सेवा के गौरवपूर्ण करियर के लिए तैयार किया है।
जमैका से आए एक अन्य विदेशी सैन्य कैडेट ने बताया कि भारतीय सैन्य अकादमी में बिताए गए महीनों ने उन्हें नेतृत्व, अनुशासन, आत्मविश्वास और पेशेवर दक्षता के महत्वपूर्ण गुण प्रदान किए हैं। कठिन सैन्य प्रशिक्षण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों ने उन्हें अपने देश की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार किया है। उन्होंने कहा कि अकादमी में प्राप्त प्रशिक्षण और साथियों के साथ विकसित हुई मित्रता जीवनभर उनके साथ रहेगी। उनका अनुभव भारत और जमैका के बीच गहरी मित्रता तथा भविष्य के सैन्य नेतृत्व के निर्माण के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रवांडा से आए विदेशी कैडेट ने भी भारतीय सैन्य अकादमी में अपने प्रशिक्षण काल को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि कठोर सैन्य शिक्षा, अनुशासन और निरंतर प्रयासों ने उन्हें एक सक्षम अधिकारी के रूप में विकसित किया है, जो अब अपने देश की रक्षा सेना में जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी के प्रशिक्षण मानकों, नेतृत्व विकास और सैन्य मूल्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां प्राप्त अनुभव उनके पूरे सैन्य जीवन में मार्गदर्शक साबित होगा। उनका सफर भारत और रवांडा के बीच मजबूत साझेदारी तथा उत्कृष्ट सैन्य नेतृत्व के विकास के साझा उद्देश्य को प्रतिबिंबित करता है।
भारतीय सैन्य अकादमी और वायुसेना अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विदेशी कैडेट भारत की सैन्य शिक्षा प्रणाली की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण हैं। विभिन्न देशों के कैडेटों का यहां प्रशिक्षण प्राप्त करना न केवल सैन्य कौशल के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मित्रता, विश्वास और रक्षा सहयोग को भी नई मजबूती प्रदान करता है। 13 जून का यह दिन भारतीय सशस्त्र बलों के लिए विशेष महत्व रखेगा, जब सैकड़ों युवा कैडेट कठिन प्रशिक्षण की यात्रा पूरी कर देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में सैन्य नेतृत्व की नई जिम्मेदारियां संभालने के लिए आगे बढ़ेंगे।
--आईएएनएस
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