भारत को औषध निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने में एमएसएमई सेक्टर की होगी बड़ी भूमिका: जेपी नड्डा

भारत को औषध निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने में एमएसएमई सेक्टर की होगी बड़ी भूमिका: जेपी नड्डा

नई दिल्‍ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को समर्पित राष्ट्रीय संगठन लघु उद्योग भारती की ओर से आयोजित एलयूबी फार्मा कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। कॉन्क्लेव की थीम 'विकसित भारत-2047 के लिए फार्मा सेक्टर का रोड मैप' थी।

इस दौरान उन्‍होंने कहा कि औषध निर्माण के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेज गति से कार्य किया जा रहा है। साथ ही आने वाले कुछ वर्षों में अफोर्डेबल मेडिसिन, बल्क ड्रग्स, वैक्सीन और मेडिकल डिवाइसेस की मैन्युफैक्चरिंग में भारत को गति देने में एमएसएमई सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आज पूरी दुनिया में भारत में तैयार की गई दवाओं पर भरोसा किया जाता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने देशभर के फार्मा उद्यमियों से आह्वान किया कि वे क्वांटिटी की बजाय क्वालिटी प्रोडक्ट्स पर अधिक फोकस करें, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में दुनिया भर में ब्रांड भारत की बेहतर छवि बन सकें।

उन्होंने बताया कि विश्व के वैक्सीन उत्पादन में भारत 60 फीसदी योगदान करता है, जबकि 30 बिलियन डॉलर के एक्सपोर्ट में भी इस सेक्टर की बड़ी हिस्सेदारी है।

नड्डा ने लघु उद्योग भारती के कार्य को यह कहते हुए सराहा कि संगठन ने देशभर के लघु उद्यमियों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और उनके सफल निराकरण में सफलता प्राप्त की है।

इस अवसर पर फार्मा डिपार्टमेंट के सचिव मनोज जोशी ने बताया कि गुणवत्ता में जब भी एमएसएमई कहीं चूक करता है, तो उसका सीधा फायदा बड़ी कंपनियों को पहुंचता है। उन्होंने कहा कि फार्मा उद्योग में उद्यमी को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि रेगुलेटरी और कंप्लायंस दोनों ही मोर्चों पर रही कमियों को दूर करना होगा।

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया राजीव सिंह रघुवंशी ने दवा उत्पादकों को नए रेगुलेशन की जानकारी देते हुए बताया कि वे एमएसएमई कलस्टर के माध्यम से नियमों का पालन कर सकते हैं। महाराष्ट्र के कमिश्नर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन तुकाराम मुंडे ने प्रशासनिक ऑडिट पर प्रकाश डाला।

कॉन्क्लेव का एक और प्रमुख आकर्षण रहा फार्मा सेक्टर के अग्रणी और सफल उद्यमियों का सम्मान। जिन 5 उद्यमियों ने एमएसएमई सेक्टर से शुरू करके लार्ज कॉर्पोरेट तक सफलता प्राप्त की, उनमें सेक्टर सिस्टोपिक लेबोरेटरी प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर पीके दत्ता, एसीजी ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अजीत सिंह, नेक्स्ट वेव इंडिया एंड एबीएस मर्केंटाइल प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर बोध राज सिकरी, ईस्ट अफ्रीकन इंडिया ओवरसीज के मैनेजिंग डायरेक्टर रामकुमार जैन और कोवेलेंट लैबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर एम. विजय किरण शामिल रहे।

इससे पूर्व लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश गुप्ता ने संगठन की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जानकारी दी कि संगठन ने सीएसआईआर से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री-अकेडेमिया सहयोग सहित भारत सरकार के जेम पोर्टल पर लघु उद्योगों जोड़ने के लिए निरंतर वेबिनार आयोजित किए।

फार्मा कॉन्क्लेव के कोऑर्डिनेटर और लघु उद्योग भारती के फार्मा उत्पाद समूह के हेड डॉ. राजेश गुप्ता ने फार्मा इंडस्ट्री के समक्ष आ रही चुनौतियों का मेमोरेंडम स्वास्थ्य मंत्री नड्डा को सौंपा। कॉन्क्लेव में दस प्रदेशों के ड्रग कंट्रोलर और देशभर के 400 दवा उत्पादकों ने सहभागिता की। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री प्रकाश चंद्र, उत्पाद समूह के राष्ट्रीय समन्वयक घनश्याम ओझा, राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू एवं राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव नरेश पारीक विशेष रूप से उपस्थित रहे. एलयूबी फार्मा कमिटी के सदस्य संजय सिंघला, रवलीन सिंह, रोहित भाटिया और अमित चावला ने कमिटी के कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

--आईएएनएस

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