भारत इनोवेट्स राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विजन को सुदृढ़ करता है: धर्मेंद्र प्रधान

भारत इनोवेट्स राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विजन को सुदृढ़ करता है: धर्मेंद्र प्रधान

नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को भारत इनोवेट्स पर दो रणनीतिक दस्तावेज जारी किए, जिनमें उच्च शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों में निहित भारत के उभरते नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदर्शित किया गया है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उस दृष्टिकोण को सुदृढ़ करती है, जिसके तहत भारत को ज्ञान के उपभोक्ताओं के राष्ट्र से ज्ञान के निर्माताओं, नवोन्मेषकों और प्रौद्योगिकी नेताओं के राष्ट्र में परिवर्तित किया जाना है।

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद; विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार; उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी; नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन के मिशन निदेशक दीपक बागला; शिक्षा मंत्रालय में तकनीकी शिक्षा की संयुक्त सचिव सौम्या गुप्ता और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

इस अवसर पर बोलते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रमुख उद्देश्यों में से एक भारत को ज्ञान उपभोग प्रणाली से ज्ञान सृजन और नवाचार प्रणाली में परिवर्तित करना है। उन्होंने कहा कि भारत इनोवेट्स रणनीतिक दस्तावेज में शामिल स्टार्टअप भारत के प्रमुख संस्थानों, इनक्यूबेटरों और अनुसंधान प्रणालियों से उभर रहे हैं, जो देश के उच्च शिक्षा क्षेत्र की बढ़ती नवाचार क्षमता को दर्शाते हैं।

मंत्री ने कहा कि भारत इनोवेट्स पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की नवाचार क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर ले जाने के दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने आगे कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के नवाचार-आधारित विकसित भारत के व्यापक मिशन के अनुरूप है।

मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत इनोवेट्स कार्यक्रम भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेश फर्मों के साथ जुड़ने के अवसर प्रदान कर रहा है, जो 3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की संपत्ति का प्रबंधन करती हैं और विश्व स्तर पर 12,000 से अधिक निवेशों का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस कार्यक्रम में 100 से अधिक वैश्विक निवेशकों और प्रमुख संस्थानों के एक साथ आने की उम्मीद है, जो भारत के डीप-टेक और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय विश्वास को दर्शाता है।

प्रधान ने बताया कि इस पहल ने निवेशकों की काफी रुचि जगाई है, और लगभग 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश पर अंतिम सहमति बन चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ाव मजबूत करने के लिए पेरिस, टोक्यो और बेंगलुरु में कई रोडशो आयोजित किए गए हैं।

उच्च शिक्षा संस्थानों के भीतर अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि आईआईटी, आईआईएससी, बीआईटीएस पिलानी और अन्य प्रमुख संस्थान भारत इनोवेट्स के तहत अपनी प्रमुख अनुसंधान और नवाचार परियोजनाओं का प्रदर्शन करेंगे, जो राष्ट्रीय विकास में अकादमिक नेतृत्व वाले नवाचार के बढ़ते योगदान को उजागर करेगा।

प्रधान ने कहा कि भारत इनोवेट्स, इनक्यूबेटर इनोवेशन ब्रिज और इंडस्ट्री इनोवेशन ब्रिज के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ाव के लिए सुनियोजित मार्ग तैयार कर रहा है, जो भारतीय नवप्रवर्तकों को अग्रणी वैश्विक संस्थानों, निगमों और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्रों से जोड़ता है। इस संदर्भ में, उन्होंने बताया कि फ्रांस और अन्य अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ नवाचार-केंद्रित 28 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।

प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने भारत के डीप-टेक स्टार्टअप एजेंडा को आगे बढ़ाने में शिक्षा मंत्रालय की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि अकादमिक और अनुसंधान संस्थानों से उभरने वाले शोध-आधारित स्टार्टअप्स की संख्या बढ़ाकर डीप-टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम को गति देने में मंत्रालय की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रोफेसर सूद ने आगे कहा कि भारत को न केवल डीप-टेक कंपनियां बनानी चाहिए, बल्कि डीप-टेक नवाचार की एक गहरी संस्कृति भी विकसित करनी चाहिए।

इस अवसर पर जारी किए गए दो रणनीतिक दस्तावेजों में भारत इनोवेट्स स्टार्टअप कंपेंडियम शामिल है, जिसमें देश भर से चयनित 120 उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप्स का विवरण दिया गया है। ये दस्तावेज स्टार्टअप्स को भविष्य में विकास के अवसरों की पहचान करने में मदद करने के लिए क्षेत्रवार बाजार की जानकारी, प्रौद्योगिकी रुझान, वैश्विक अवसरों का मानचित्रण और रणनीतिक जुड़ाव के मार्ग प्रदान करते हैं। दूसरा रणनीतिक दस्तावेज आईआईटी, आईआईएससी और अन्य प्रमुख संस्थानों सहित अग्रणी उच्च शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों की लगभग 50 अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार परियोजनाओं को प्रदर्शित करता है।

भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तत्वावधान में, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय 14-16 जून 2026 तक फ्रांस के नीस शहर में भारत इनोवेट्स 2026 का आयोजन कर रहा है। यह आयोजन 3,000 से अधिक उद्यमों में से चयनित 120 विशिष्ट डीप टेक नवोन्मेषकों को एक साथ लाता है, जो अंतरिक्ष, रक्षा, जैव प्रौद्योगिकी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत की अनुसंधान क्षमताओं को उजागर करता है। इस आयोजन की एक प्रमुख विशेषता आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी मद्रास जैसे 15 प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों की भागीदारी है। इस समूह के पास 1,500 से अधिक पेटेंट हैं और इन्होंने सामूहिक रूप से 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की धनराशि जुटाई है, जिसमें दो सूचीबद्ध कंपनियां, आइडियाफोर्ज और एथर एनर्जी शामिल हैं।

--आईएएनएस

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