लखनऊ, 14 सितंबर (आईएएनएस)। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान, मदरसों को लेकर भाजपा नेताओं की टिप्पणियों, भारत-चीन संबंधों, ब्रिक्स सम्मेलन, भारतीय महिला क्रिकेट टीम से जुड़े विवाद और राहुल गांधी के मांसाहारी भोजन संबंधी बयान को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा पर चुनावी मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार को विकास, रोजगार तथा चीन से जुड़े सीमा विवाद जैसे मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से यूसीसी को लेकर की गई घोषणा पर अजय राय ने कहा कि भाजपा नेता पहले भी कई बड़े वादे कर चुके हैं, लेकिन बाद में उन्हें 'जुमला' बताया गया। यूसीसी को लेकर की जा रही घोषणा भी आगामी चुनाव की तैयारी का हिस्सा है। जनता अब राजनीतिक दावों और वादों को समझ चुकी है और चुनाव में इसका जवाब देगी। उन्होंने भाजपा पर बड़े-बड़े दावे करने के बजाय उनके क्रियान्वयन पर ध्यान देने की जरूरत बताई।
मदरसों को लेकर दिलीप घोष की ओर से की गई टिप्पणी पर अजय राय ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा के नेता हिंदू-मुस्लिम और धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दे उठाने लगते हैं। सरकार को यह बताना चाहिए कि कितने लोगों को रोजगार मिला, कितनी नौकरियां दी गईं और आम लोगों के लिए क्या काम किए गए। अजय राय ने सड़कों और पुलों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने हमीरपुर में पुल से जुड़ी घटना और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के आवागमन प्रभावित होने का उल्लेख करते हुए सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान आम लोगों की समस्याओं के बजाय बड़े कॉरपोरेट हितों पर अधिक है।
भारत-चीन संबंधों में सुधार और सीमा पर चीनी सैनिकों की संख्या में कमी की रिपोर्टों पर अजय राय ने कहा कि केवल बयानों से स्थिति स्पष्ट नहीं होगी। उन्होंने डोकलाम और अरुणाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को देश की जनता के सामने इन मामलों की वास्तविक स्थिति रखनी चाहिए। भारत-चीन संबंधों में यदि वास्तव में सुधार हुआ है तो इससे जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और सीमा की स्थिति के बारे में सरकार को विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की एशिया कप जीत और ट्रॉफी से जुड़े विवाद पर अजय राय ने कहा कि भारत-पाकिस्तान से जुड़े खेल आयोजनों को लेकर अंतिम फैसला केंद्र सरकार को करना चाहिए। यह दो देशों से जुड़ा मामला है और ऐसे में यह तय करना सरकार की जिम्मेदारी है कि भविष्य में पाकिस्तान के साथ खेलना है या नहीं। उन्होंने केंद्र से इस मामले में स्पष्ट नीति बनाने की मांग की।
राम मंदिर के नए सीईओ को लेकर राजेश पांडे के पॉडकास्ट में किए गए दावों पर अजय राय ने कहा कि उन्हें इन दावों की पूरी जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए और नए सीईओ से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्टाचार या चढ़ावे से संबंधित आरोप हैं तो उसकी जांच होनी चाहिए और दोष साबित होने पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने नए सीईओ से अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर अजय राय ने कहा कि सम्मेलन में जिन मुद्दों पर फैसले या सहमति बनी है, उनकी जानकारी देश की जनता के सामने आनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से भारत-चीन संबंधों, डोकलाम और अरुणाचल प्रदेश से जुड़े मामलों का उल्लेख किया और सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री ने इन मुद्दों का समाधान कराया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को केवल सम्मेलन की तस्वीरें और बयान सामने रखने के बजाय उसके ठोस परिणामों की जानकारी भी देनी चाहिए।
ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल को परोसे गए भोजन के संदर्भ में राहुल गांधी के उस बयान पर भाजपा द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर अजय राय ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि भारत में अलग-अलग लोगों की खानपान की अलग-अलग पसंद है और हर व्यक्ति अपने भोजन को लेकर स्वतंत्र है। उन्होंने राय ने राहुल गांधी की छोले-भटूरे खाते हुए तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि खाने को लेकर किसी व्यक्ति की निजी पसंद को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। देश में खानपान की विविध परंपराएं हैं और लोगों को अपनी पसंद के अनुसार भोजन करने की स्वतंत्रता है।
--आईएएनएस
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