गयाजी, 9 सितंबर (आईएएनएस)। पितृपक्ष मेला को लेकर बोधगया में तैयारियां तेज हो गई हैं। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बुधवार को बोधगया अतिथि गृह में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर श्रद्धालुओं की सुविधा, बिजली, पेयजल, स्वच्छता, यातायात, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, सड़क, शौचालय और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की जानकारी ली। बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और थाना प्रभारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया और बोधगया पहुंचते हैं। दक्षिण भारत से भी प्रतिदिन करीब 2,000 से 3,000 श्रद्धालु और पर्यटक बोधगया आते हैं। ऐसे में सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने मेला अवधि में पर्याप्त और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने बताया कि जहां प्रकाश व्यवस्था में कमी है, वहां मरम्मत का कार्य जारी है। भूमि संबंधी मामलों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परिमार्जन और दाखिल-खारिज के कार्यों में तेजी लाई जा रही है तथा शेष कार्य अगले एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, 73 भूमिहीन गरीब परिवारों को आवास निर्माण के लिए तीन-तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है।
अध्यक्ष ने सरस्वती वेदी के पास पेवर ब्लॉक और पहुंच पथ के निर्माण तथा धर्मारण्य वेदी के पास क्षतिग्रस्त सीढ़ियों की मरम्मत की भी जानकारी ली। उन्होंने पौधरोपण और हरियाली बढ़ाने पर जोर दिया। नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट से महाबोधि मंदिर तक विशेष टीम से सफाई कराई जाएगी। नगर परिषद क्षेत्र में करीब 400 सफाईकर्मी कार्यरत हैं। श्रद्धालुओं के लिए छोटी गाड़ियों की नोड-1, बड़ी गाड़ियों की नोड-2 और वीआईपी वाहनों की पार्किंग कालचक्र मैदान के पास की गई है। बैठक में पेयजल और सीवेज परियोजनाओं की भी समीक्षा हुई।
करीब 3,000 घरों में गंगाजल आधारित पेयजल पहुंच रहा है, जबकि लगभग 6,000 अन्य घरों के लिए करीब 135 करोड़ रुपए की योजना पर काम चल रहा है। करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से एसटीपी का निर्माण भी जारी है। एयरपोर्ट से महाबोधि मंदिर तक 10 स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय बनाने की योजना है।
डॉ. प्रेम कुमार ने महाबोधि मंदिर के आसपास भिखारियों और बेसहारा पशुओं की समस्या पर कार्रवाई के निर्देश दिए। जाम से निजात के लिए दोमुहान क्षेत्र में टोटो-टेंपो स्टैंड बनाने तथा सरकारी भूमि को समतल कर पार्किंग विकसित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि गया और बोधगया की पहचान विश्व स्तर पर है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला इस वर्ष 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के गयाजी पहुंचने की संभावना है।
--आईएएनएस
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