गयाजी, 7 सितंबर (आईएएनएस)। विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से 'मोक्षस्थली' के रूप में चर्चित गयाजी पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और पिंडदान स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी गया शशांक शुभंकर ने बोधगया प्रखंड स्थित प्रमुख पिंडदान स्थलों धर्मारण्य, सरस्वती और मातंगवापी वेदियों का सघन निरीक्षण किया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मेला शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि पितृपक्ष मेला गयाजी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। यहां देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता तीर्थयात्रियों को सुगम आवागमन, स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित पिंडदान और बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने नगर परिषद और संबंधित एजेंसियों को वेदी परिसरों तथा प्रमुख संपर्क मार्गों की 24 घंटे नियमित सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में अस्थायी शौचालय, चेंजिंग रूम, शुद्ध पेयजल टैंकर और प्याऊ की व्यवस्था समय पर पूरी करने को कहा गया।
भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, वॉच टावर तथा उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सभी वेदियों, संपर्क मार्गों और पार्किंग स्थलों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ हाई-मास्ट और एलईडी लाइट लगाने को भी कहा गया। यातायात व्यवस्था को लेकर जिला परिवहन पदाधिकारी को बोधगया के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार कराने का निर्देश दिया गया। वेदियों के आसपास सुनियोजित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने और आवश्यकतानुसार ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि वाहनों के परिचालन के साथ श्रद्धालुओं के पैदल आवागमन में भी परेशानी न हो।
स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को वेदी स्थलों के निकट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मोबाइल मेडिकल टीम, एंबुलेंस और जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मातंगवापी जलाशय और नदी-घाटों के आसपास गहरे पानी वाले क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से बैरिकेडिंग कराने तथा पर्याप्त संख्या में गोताखोर और एसडीआरएफ टीम की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।
श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए ‘मे आई हेल्प यू’ बूथ और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली को सक्रिय रखने का निर्देश भी दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पितृपक्ष मेला में आने वाला प्रत्येक तीर्थयात्री गयाजी से ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के अनुरूप सकारात्मक अनुभव लेकर लौटे। उन्होंने सभी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं और पदाधिकारियों को तय समय-सीमा में सभी कार्य पूरे करने की सख्त हिदायत दी।
निरीक्षण के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था, सहायक समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद पदाधिकारी तथा पंडा समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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