पटना, 24 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार में हाल के दिनों में हुई हिंसा और तनाव की घटनाओं के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एक ओर मुजफ्फरपुर में अफवाहों पर रोक लगाने के लिए इंटरनेट आधारित सोशल मीडिया और मैसेजिंग सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, वहीं जहानाबाद में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन की सिफारिश पर गृह विभाग ने टाउन-1 और टाउन-2 पुलिस अनुमंडल क्षेत्रों में इंटरनेट आधारित सोशल मीडिया और मैसेजिंग सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
गृह विभाग की विशेष शाखा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध 24 जुलाई दोपहर 12:30 बजे से 26 जुलाई सुबह 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) की रिपोर्ट में आशंका जताई गई थी कि असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ, आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री फैलाकर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ सकते हैं। इसी के मद्देनजर यह कदम उठाया गया।
आदेश के तहत फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम समेत करीब 24 सोशल नेटवर्किंग और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर संदेश, फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री के आदान-प्रदान पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, सरकारी और प्रशासनिक कार्यों के लिए आवश्यक इंटरनेट सेवाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है, ताकि जरूरी सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित न हों।
गृह विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को साझा न करें और शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
उधर, छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने जहानाबाद का दौरा कर हालात का जायजा लिया। प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने कथित तौर पर सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ की थी और जिलाधिकारी के आवास पर भी हमला किया था।
आईजी ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बाद जिला पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और कानून अपने हाथ में लेना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आईजी के अनुसार, हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। हालात बेकाबू होने पर पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि मामले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
विकास वैभव ने कहा कि हिंसा भड़काने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।