कटिहार, 6 जून (आईएएनएस)। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हुए करीब 10 वर्ष पूरे हो चुके हैं। राज्य सरकार लगातार इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताती रही है, लेकिन कटिहार जिले से सामने आई तस्वीरें शराबबंदी के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। जिले के कोसी बांध और नदी किनारे खुलेआम देशी शराब की बिक्री होने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कोसी नदी के किनारे नियमित रूप से देशी शराब की मंडी सजती है। यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर शराब खरीदते हैं और उसका सेवन करते हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि बड़ी संख्या में युवा भी इस नशे की चपेट में दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई युवक शराब पीने के बाद कोसी नदी के आसपास और पानी के किनारे समय बिताते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद यह अवैध कारोबार लंबे समय से जारी रहने की बात कही जा रही है।
इस पूरे मामले ने जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कोसी बांध जैसे सार्वजनिक क्षेत्र में खुलेआम शराब की बिक्री होने के आरोपों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर प्रशासन की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ी। लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह केवल लापरवाही है या फिर इसके पीछे कोई और वजह है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार सिंह ने कहा कि यह बहुत गलत बात है। शराब की बिक्री सामाजिक और नैतिक, दोनों ही दृष्टिकोण से गलत है।
सुभाष कुमार सिंह ने आईएएनएस से बताया, "आज आपके माध्यम से मुझे इस मामले की जानकारी मिली है। हम तुरंत कार्रवाई करेंगे। अगले दो-तीन दिनों के भीतर टीम भेजकर वहां जांच कराई जाएगी और अभियान चलाया जाएगा। जो लोग शराब बेचने में शामिल पाए जाएंगे, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। हमारी कोशिश रहेगी कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।"