पटना, 19 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को कहा कि 20 जुलाई को पाटलिपुत्र जंक्शन से 1100 से अधिक श्रद्धालुओं को भगवान सोमनाथ के पावन दर्शन के लिए विशेष यात्रा पर रवाना किया जाएगा। उन्होंने इसे केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय स्वाभिमान और सनातन परंपरा से जुड़ने का ऐतिहासिक अवसर बताया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि वर्ष 2026 ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भगवान सोमनाथ मंदिर पर हुए बर्बर आक्रमण के एक हजार वर्ष तथा स्वतंत्र भारत में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के संकल्प और देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के करकमलों से मंदिर की पुनः प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
उनके अनुसार यह यात्रा उसी गौरवशाली विरासत, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का उत्सव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार ने श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक व्यवस्था की है।
उन्होंने बताया कि यात्रियों के भोजन, चिकित्सा, सुरक्षा, आवास तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के भगवान सोमनाथ के दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और नई पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहास एवं सनातन परंपरा से परिचित कराना है।
उनका कहना था कि इस तरह की धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राएं सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय चेतना को भी मजबूत करती हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए प्रार्थना की कि भगवान सोमनाथ बिहार, देश और समस्त मानवता पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें।
उन्होंने अपने संदेश का समापन "हर-हर महादेव" और "जय सोमनाथ" के उद्घोष के साथ किया। मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए पोस्टर के अनुसार 20 जुलाई को पाटलिपुत्र जंक्शन से श्रद्धालुओं का जत्था सोमनाथ धाम के लिए रवाना होगा।
पोस्टर में उल्लेख किया गया है कि 1100 से अधिक श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होंगे। राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।