नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सदन का बहुमूल्य समय बर्बाद कर रही है। पेपर लीक को रोकने पर गंभीर चर्चा करने के बजाय वह हंगामा और अशांति फैलाने में लगी है। भाजपा नेताओं ने कहा कि जब केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पेपर लीक के खिलाफ कानून लाई है, तो कांग्रेस इसमें रुचि नहीं दिखा रही है।
यूपी सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि 2014 से देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय विकास, युवाओं की तरक्की और महिलाओं के सशक्तिकरण जैसे देश के लिए आवश्यक मुद्दों पर एक मजबूत, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम करते देखा है। जब देश के युवाओं ने अपने सुरक्षित भविष्य के लिए प्रवेश परीक्षाओं से जुड़ी सही व्यवस्था की मांग की, तो केंद्र की मोदी सरकार ने तुरंत उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया। युवा पीढ़ी की तरक्की को प्राथमिकता देते हुए, मोदी सरकार ने युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लिया और इसे लागू करने के लिए कानून का प्रावधान पेश किया है।
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने पेपर लीक के खिलाफ बिल पर कहा कि लोकसभा में जो बिल आया है, उस पर पेपर लीक के पहले के बिल को और मजबूत करने पर चर्चा हो रही है। पूरा देश इस चर्चा का इंतजार कर रहा था। लेकिन कांग्रेस और विपक्षी साथी विषय पर बात करने के बजाय इधर-उधर की बातें कर रहे हैं, आरोप लगा रहे हैं और ऐसा वातावरण बना रहे हैं जैसे उनकी चिंता सिर्फ छात्रों के जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर थी। अब बिल पर कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है, जबकि यह लंबे समय के लिए छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करेगा। वे सदन का समय बर्बाद कर रही हैं और मंत्रियों पर आरोप लगाने में पूरा ध्यान लगा रही हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि यह बिल्कुल साफ है कि कांग्रेस पार्टी का मकसद बातचीत करना या संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेना नहीं है। उनका एकमात्र मकसद हंगामा और अशांति पैदा करना है। हमारे देश में संसद और राज्य विधानसभाएं जनता की उम्मीदों का सबसे बड़ा मंच हैं। संविधान निर्माताओं ने भी यही उम्मीद की थी। दुर्भाग्य से पिछले 10-12 वर्षों में हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करने के बजाय कांग्रेस ने संसद की कार्यवाही बाधित करने और अशांति फैलाने की कोशिश की है। आज शिक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट है। हम सभी मानते हैं कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए, कानून आने चाहिए और बहस होनी चाहिए, फिर भी वे नए-नए मुद्दे उठाकर संसद को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।