भाजपा ने उत्तरी कर्नाटक में सूखे से प्रभावित किसानों के लिए प्रति एकड़ 50 हजार मुआवजे की मांग की

भाजपा ने उत्तरी कर्नाटक में सूखे से प्रभावित किसानों के लिए प्रति एकड़ 50 हजार मुआवजे की मांग की

बीदर, 13 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने सोमवार को कांग्रेस सरकार पर उत्तरी और कल्याणा कर्नाटक के सूखा प्रभावित इलाकों में किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और सरकार से प्रभावित किसानों को तुरंत 50,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा देने की मांग की।

बीदर एयरपोर्ट पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजयेंद्र ने कहा कि बीदर, कलबुर्गी और यादगीर जिलों में सूखे की स्थिति चिंताजनक हो गई है, जहां बारिश सामान्य का सिर्फ 12 प्रतिशत ही हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बारिश की कमी के कारण 30 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर बुआई नहीं हो पाई है, जिससे किसान भारी संकट में हैं। उन्होंने कहा कि किसान अरहर (तुअर), सूरजमुखी और कपास जैसी मुख्य फसलों की खेती नहीं कर पाए हैं, जिसके कारण उनकी आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं।

उत्तरी कर्नाटक के बसवकल्याण में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के हालिया दौरे की आलोचना करते हुए विजयेंद्र ने इसे सिर्फ एक "फोटो शूट" बताया और आरोप लगाया कि सरकार जमीनी स्तर पर किसानों को कोई ठोस राहत देने में नाकाम रही है।

उन्होंने तुरंत दखल देने की मांग करते हुए राज्य सरकार से कहा कि वह किसानों को मौजूदा संकट से निपटने में मदद करने के लिए प्रति एकड़ कम से कम 50,000 रुपये का मुआवजा दे।

विजयेंद्र ने कहा कि कम बारिश के कारण उत्तरी कर्नाटक के किसान भारी संकट का सामना कर रहे हैं। इस क्षेत्र में लगभग सूखे जैसे हालात हैं। हालांकि, न तो जिला प्रशासन और न ही राज्य सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेती दिख रही है। हम भी इस मामले को उठाएंगे। हमने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी सहित अपने सभी वरिष्ठ नेताओं के सामने यह मुद्दा पहले ही उठा दिया है। हमने राज्य चुनाव आयोग और भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष भी यह मामला उठाया है। मुझे विश्वास है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं और राज्य के हित में कदम उठाएंगे।

विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर 'अनुभव मंटप' प्रोजेक्ट को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि बी.एस. येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली पिछली बीजेपी सरकार ने अलग-अलग चरणों में 100 करोड़ और 200 करोड़ रुपये मंजूर किए थे और लगभग 500 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च के साथ इस प्रोजेक्ट को शुरू किया था। हालांकि, बार-बार सार्वजनिक मांग के बावजूद कांग्रेस सरकार ने पिछले तीन सालों में इस प्रोजेक्ट को नजरअंदाज किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे तुरंत बकाया फंड जारी करें और इसे पूरा करने को प्राथमिकता दें।

भाजपा की बीदर जिला इकाई में आंतरिक मतभेदों से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते हुए विजयेंद्र ने कहा कि सभी स्थानीय मुद्दों पर सौहार्दपूर्ण चर्चा और समाधान के लिए एक कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है।

उन्होंने बीदर और कांग्रेस के भाजपा विधायकों के बीच किसी भी प्रकार की "समझौते" की आशंकाओं को भी खारिज करते हुए कहा कि भाजपा किसानों और जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध एक सशक्त विपक्षी दल बनी हुई है।

विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा की कोर कमेटी जिला और राज्य नेताओं के लिए एक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करेगी ताकि पार्टी के आंदोलन को और तेज किया जा सके और क्षेत्र के सूखाग्रस्त किसानों की चिंताओं का प्रभावी ढंग से समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चूंकि पूरे कर्नाटक में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) चल रहा है, इसलिए मैं कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के बीदर, कलबुर्गी, यादगीर और रायचूर जिलों का दौरा कर रहा हूं ताकि यह देख सकूं कि इन जिलों में यह प्रक्रिया कैसे चल रही है।

उन्होंने कहा, "आने वाले जिला पंचायत और अन्य स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी के लिए हमें और अधिक सक्रिय होने की जरूरत है। मैं हमारे जिला नेताओं, विधायकों और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से बातचीत करूंगा। स्थानीय निकाय चुनावों के लिए भाजपा को पूरी तरह तैयार रहना होगा और हम बैठकों के दौरान इन सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे।"

--आईएएनएस

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