बीड, 4 सितंबर (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को भाजपा पर चुनाव जीतने के लिए बेहद निचले स्तर की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदाता सूचियों पर कड़ी नजर रखने और पूरे महाराष्ट्र में संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
उद्धव ठाकरे ने मतदाता सूची में संभावित हेरफेर को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि हटाए गए मतदाताओं के नामों का इस्तेमाल फर्जी मतदाताओं को सूची में जोड़ने के लिए किया जा सकता है।
नवी मुंबई के पनवेल और खारघर इलाके की एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए ठाकरे ने बताया कि शिवसेना कार्यकर्ताओं ने एक स्थानीय फोटो कॉपी की दुकान में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मतदाता फॉर्मों की अवैध फोटोकॉपी का मामला पकड़ा था।
उनके अनुसार, जब एक शिवसेना कार्यकर्ता दुकान पर पहुंचा तो उसे बताया गया कि कर्मचारी काफी व्यस्त हैं। बाद में जांच करने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने देखा कि कई फोटोकॉपी मशीनें पूरी क्षमता से चल रही थीं और एसआईआर पंजीकरण फॉर्मों की गोपनीय प्रतियां बनाई जा रही थीं।
उद्धव ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा, "मोदी सरकार में यही रोजगार पैदा हुआ है फर्जी एसआईआर फॉर्मों की कॉपी करना।" उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता थे।
उन्होंने दावा किया कि मौके पर विवाद होने के बाद स्थानीय पुलिस शुरू में एफआईआर दर्ज करने से हिचकिचा रही थी। हालांकि शिवसेना नेता प्रसाद भोइर के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं के लगातार दबाव के बाद देर रात शिकायत दर्ज की गई।
ठाकरे ने आरोप लगाया कि ऐसी ही घटनाएं अन्य स्थानों पर भी हुईं, जहां वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के नाम पर होटल के कमरे किराए पर लेकर फर्जी मतदाता फॉर्म तैयार किए गए और बाद में आरोपी फरार हो गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने को कहा।
मतदाता पंजीकरण में गड़बड़ियों पर चिंता जताते हुए ठाकरे ने राजनीतिक विश्लेषक परकाला प्रभाकर की टिप्पणियों का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई।
उन्होंने आरोप लगाया, "भाजपा किसी भी तरह सत्ता हासिल करने के लिए तरह-तरह के कदम उठा रही है।"
ठाकरे ने कहा, "महाराष्ट्र में लाखों फर्जी पंजीकरण और डुप्लीकेट मतदाता पाए गए, जबकि हालिया मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में दो करोड़ से अधिक नाम हटाए गए या बदले गए।"
स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों और बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की बैठक को संबोधित करते हुए ठाकरे ने बीड विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की जमीनी स्तर की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने अंबादास दानवे समेत अन्य नेताओं की प्रशंसा की, जिन्होंने सभी बूथों पर बीएलए की नियुक्ति सुनिश्चित की और कार्यकर्ताओं तथा उनके परिवारों के लिए संगठनात्मक गतिविधियों को फिर से सक्रिय किया।
बीड क्षेत्र में पार्टी के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि अविभाजित शिवसेना और भाजपा के बीच पहले जो गठबंधन था, वह आज की स्थिति से बिलकुल अलग था। उन्होंने अपने दिवंगत पिता बालासाहेब ठाकरे और वरिष्ठ भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे के करीबी संबंधों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, "उस समय शिवसेना और भाजपा का गठबंधन आज जैसा नहीं था। सद्भावना और प्यार के कारण हमने बीड जिले में कई सीटें उन्हें दी थीं। इसका नतीजा यह हुआ कि जिले में हमारी मौजूदगी धीरे-धीरे कम हो गई।"
चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने में स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए ठाकरे ने बीएलए को अपने-अपने क्षेत्रों की मतदाता सूची की गहन जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सूची में दर्ज हर मतदाता की पहचान नाम और चेहरे से सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि चुनावी धांधली रोकी जा सके।
पार्टी की विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए ठाकरे ने वफादार कार्यकर्ताओं और दल बदलने वालों में अंतर बताया। उन्होंने कहा, "जिस सच्चे शिवसैनिक के दिल और दिमाग में भगवा झंडा होता है, वह कभी विश्वासघात नहीं करेगा।" साथ ही उन्होंने प्रतिद्वंद्वी गुटों पर कटाक्ष करते हुए उन्हें शिवसेना की बजाय "शाह सेना" कहा।
अपने आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए ठाकरे ने घोषणा की कि वह 17 सितंबर को मराठवाड़ा आंदोलन में शामिल होने के लिए छत्रपति संभाजीनगर जाएंगे। इसके बाद वह मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित होने वाली वार्षिक दशहरा रैली में भी भाग लेंगे।
उन्होंने वादा किया कि शिवसेना की सरकार बनने पर जनता के कल्याण को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने किसानों की कर्जमाफी जैसे पूर्व के फैसलों का उल्लेख करते हुए मौजूदा सरकार पर जनसेवा के बजाय आर्थिक लाभ को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
अंत में उद्धव ठाकरे ने महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों सहित अपने समर्थकों को भरोसा दिलाया कि शिवसेना हमेशा जनता के एक भरोसेमंद संरक्षक के रूप में काम करती रहेगी।
--आईएएनएस
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