भगवंत मान सरकार ने मनगढ़ंत फोरेंसिक रिपोर्ट से विवादित वीडियो मामले को दबाने की कोशिश की: प्रताप सिंह बाजवा

भगवंत मान सरकार ने मनगढ़ंत फोरेंसिक रिपोर्ट से विवादित वीडियो मामले को दबाने की कोशिश की: प्रताप सिंह बाजवा

चंडीगढ़, 25 जून (आईएएनएस)। पंजाब के विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मनगढ़ंत फोरेंसिक रिपोर्ट के जरिए विवादित वीडियो मामले को दबाने की कोशिश की।

बाजवा ने कहा कि फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने के प्रयास ने सरकार के बचाव को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है और जनता के इस विश्वास को और मजबूत कर दिया है कि वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वास्तव में भगवंत मान ही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने निष्पक्ष जांच कराने के बजाय सबूतों से छेड़छाड़ करना चुना।

बाजवा ने कहा कि मनगढ़ंत फोरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने का प्रयास ही इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि सरकार कुछ छिपा रही थी। अगर भगवंत मान निर्दोष होते, तो फोरेंसिक जांच को प्रभावित करने या उसमें हेरफेर करने की कोई जरूरत नहीं होती। यह सिर्फ धोखा देने का मामला नहीं है। यह राज्य तंत्र का घोर दुरुपयोग और उच्चतम स्तर पर सत्ता का चौंकाने वाला दुरुपयोग है।

उन्होंने आगे कहा कि यह विवाद अब केवल अपवित्रता के आरोपों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि न्याय में बाधा डालने और पंजाब की जनता को गुमराह करने की कथित साजिश का गंभीर मुद्दा बन गया है।

बाजवा ने मान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर विश्व भर में सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने के बाद पद पर बने रहने का अपना नैतिक अधिकार खो दिया है।

कांग्रेस नेता ने सच्चाई का पता लगाने और कथित तौर पर मामले को दबाने में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान करने के लिए उच्च न्यायालय के किसी मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में न्यायिक जांच की भी मांग की।

हरियाणा में हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बाजवा ने बताया कि जसप्रीत सिंह की शिकायत के बाद गुरुग्राम पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जसप्रीत सिंह ने शिकायत की थी कि पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें झूठी फोरेंसिक रिपोर्ट जमा करने के लिए 10 लाख रुपए की पेशकश की थी।

उन्होंने कहा कि गुरुग्राम पुलिस ने बताया है कि शिकायत में नामित पंजाब पुलिस अधिकारियों को भी सबूत मिलने पर गिरफ्तार किया जा सकता है।

बाजवा ने कहा कि यह घोटाला अब मूल वीडियो से आगे बढ़ चुका है। आज का असली मुद्दा मुख्यमंत्री को बचाने के लिए सबूतों में हेरफेर करने और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का कथित प्रयास है। पंजाब की जनता, और विशेष रूप से सिख समुदाय, राजनीतिक स्वार्थ के लिए उन्हें धोखा देने या उनके धर्म की पवित्रता को ठेस पहुंचाने के किसी भी प्रयास को कभी माफ नहीं करेगी।

--आईएएनएस

एमएस/