बेंगलुरु, 4 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बेंगलुरु शहर, बेंगलुरु ग्रामीण और ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) क्षेत्र के विभिन्न पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। यह कार्रवाई पीजी में परोसे जा रहे भोजन की खराब गुणवत्ता और स्वच्छता संबंधी शिकायतों के मद्देनजर की गई।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यूटी खादर के निर्देश पर 4 सितंबर को चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान कुल 64 पीजी का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत भोजन बनाने और भंडारण की व्यवस्था, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, रसोईघर की साफ-सफाई, कच्चे माल के रखरखाव, खाद्य उत्पादों की वैधता अवधि और लेबलिंग की जांच की।
जांच में स्वच्छता संबंधी कमियां और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर 23 पीजी को नोटिस जारी किए गए। भोजन की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच के लिए 12 खाद्य नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।
निरीक्षण के दौरान कुछ पीजी में एक्सपायरी डेट वाला दही, स्वास्तिक बिसीबेले भात पाउडर, चावल का आटा, सिंथेटिक फूड कलर, काली मिर्च और गलत लेबल वाले मिश्रण (मिसब्रांडेड मिक्सचर) का उपयोग होता पाया गया। इन खाद्य पदार्थों को कानूनी प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया।
इसी दौरान बोम्मासंद्रा स्थित नंदना एलीट पीजी के निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों ने पाया कि खाने की मेज पर खाद्य सामग्री के साथ खटमल मारने वाला पाउडर रखा गया था। इसके अलावा पीने के पानी की व्यवस्था वाले स्थान पर गैर-खाद्य और अनुपयोगी सामान रखा हुआ था तथा परिसर में व्यापक अस्वच्छता पाई गई।
इन गंभीर खामियों को देखते हुए अधिकारियों ने नंदना एलीट पीजी के डाइनिंग एरिया को सील कर दिया।
विभाग ने सभी पीजी संचालकों और भोजन से जुड़े कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कहा गया है कि खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण किया जाए, गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल का उपयोग हो, रसोई और भोजन तैयार करने वाले क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखी जाए तथा किसी भी परिस्थिति में एक्सपायरी खाद्य सामग्री का उपयोग या वितरण न किया जाए।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में खाद्य सुरक्षा नियमों के किसी भी उल्लंघन की स्थिति में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और उससे संबंधित नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
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