नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। भाजपा के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने ममता बनर्जी की रैली में कथित तौर पर अंडे फेंके जाने को लेकर और बरुईपुर दुष्कर्म मामले सहित कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए दिनेश शर्मा ने कहा, "भाजपा कार्यकर्ताओं ने कभी हिंसा का समर्थन नहीं किया है। उन्होंने हमेशा हिंसा की निंदा की है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने पश्चिम बंगाल में पार्टी कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह की हिंसक घटनाओं से दूर रहने को कहा है। ममता बनर्जी ने अपने ही कार्यकर्ता को थप्पड़ मारा। उनमें हिंसा की प्रवित्ति रही है। लेकिन भाजपा सरकार ऐसी घटनाओं का न तो समर्थन करती है और न ही प्रोत्साहित करती है।"
दिनेश शर्मा ने कहा कि भाजपा का स्पष्ट मत है कि लोकतंत्र में विरोध का सबसे प्रभावशाली मार्ग चुनाव और जन समर्थन के साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन है। हिंसा या ऐसी घटनाओं का लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। ऐसे में, मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करें और पश्चिम बंगाल में ऐसी राजनीतिक संस्कृति विकसित करें, जहां मतभेद हो लेकिन हिंसा और अराजकता न हो। मेरा मानना है कि सुवेंदु अधिकारी इसी दिशा में आगे बढ़े हैं।
उन्होंने कहा, "टीएमसी के लोगों की ओर से इतना ज्यादा हिंसा किया गया है कि समय-समय पर उन्हीं के साथ रहे लोग ऐसा काम करते हैं।
ममता बनर्जी की ओर टीएमसी के कार्यकर्ताओं से 'गद्दारों' को लेकर की गई अपील पर दिनेश शर्मा ने कहा कि ममता बनर्जी चाहती हैं कि हिंसा हो और भाजपा और सरकार चाहते हैं कि हिंसा को कोई भी प्रोत्साहन न दिया जाए। जो भी हिंसा करेगा उसको दंड दिया जाएगा। इसलिए टीएमसी को उत्तेजित बयान से बचना चाहिए।
बरुईपुर दुष्कर्म मामले पर दिनेश शर्मा ने कहा कि महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि है। महिलाओं के सम्मान के साथ-साथ पुलिस को भी आत्मरक्षा करने का अधिकार सरकार की ओर से ही दिया गया है। विधि सम्मत तरीके से लोकतांत्रिक अधिकार या संविधान द्वारा मिले अधिकार का ही प्रयोग हो। मेरा मानना है कि बंगाल में वो जमाना नहीं है कि पत्थर मारने पर पुलिस फूल लेकर दौड़ेगी। जो जैसा करेगा वैसा भरेगा, लेकिन सरकार की ओर से हमेशा कहा गया है कि किसी प्रकार का असंवैधानिक काम नहीं, बल्कि विधि सम्मत काम होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकार है वो दृढ़ संकल्पित है कि जल्द फैसला हो और अपराधी बचने न पाए उसको दंड जरूर मिले।
ममता बनर्जी की ओर से भगवान श्रीराम को लेकर दी गई प्रतिक्रिया पर दिनेश शर्मा ने कहा कि अब ममता बनर्जी को राम जी के प्रति ममता कहां से आ गई। अभी तक किसी हिंदू देवी-देवता को लेकर न तो सम्मान का भाव दिखा और न तो ऐसे कार्यों में जुड़ाव देखने को मिला। आज उनको अचानक राम जी कैसे याद आ गए? राम जी तो जीवन के प्रारंभ से अंत तक हैं।
पंजाब कांग्रेस को लेकर उन्होंने कहा कि पंजाब ही नहीं, कांग्रेस का पूरे देश में ठीक नहीं चल रहा है। कांग्रेस 100 वर्ष पुरानी एक जर्जर इमारत है, जो भाजपा की आंधी में कभी भी ढह सकती है।
सिंधू जल समझौते को लेकर उमर अब्दुल्ला की ओर से केंद्र सरकार की तारीफ किए जाने पर दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की कार्यप्रणाली राष्ट्रहित में है, किसी व्यक्ति के हित में नहीं है। यही वजह है कि सभी लोग उनका सम्मान कर रहे हैं, उनकी तारीफ कर रहे हैं। पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद किया जाता है तो भारत की जिम्मेदारी थोड़ी है कि पाकिस्तान के लोगों के लिए पानी तैयार करें। ताली दोनों हाथों से बजती है। पाकिस्तान आतंकवाद बंद नहीं करेगा तो हम उसको पानी क्यों देंगे? राजस्थान, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए पानी की कमी है। पहले हम अपनी कमी पूरी करेंगे।
--आईएएनएस
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