बेंगलुरु, 1 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक में बेंगलुरु के पार्कों की जमीन को लेकर लाया गया नया संशोधन कानून अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। जनता के कड़े विरोध के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार पार्क्स (प्रिजर्वेशन) (अमेंडमेंट) एक्ट पर फिर से विचार करेगी और इसके लिए सुझावों के लिए तैयार है।
इसी बयान के बाद बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने मुख्यमंत्री को खुला पत्र लिखा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार इस मौके का इस्तेमाल बेंगलुरु के दीर्घकालीन हितों के लिए करे।
तेजस्वी सूर्या ने लिखा, "मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने जनता के कड़े विरोध को देखते हुए कहा कि वे 'पार्क्स (प्रिजर्वेशन) (अमेंडमेंट) एक्ट' पर फिर से विचार करेंगे, जिसके तहत पार्क की 5 प्रतिशत जमीन का इस्तेमाल दूसरे कामों के लिए किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा है कि वे सुझावों के लिए तैयार हैं। हालांकि मेरे, दूसरे जन-प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और नागरिक समूहों के सुझावों पर उन्होंने पहले कभी ध्यान नहीं दिया, फिर भी मैं नई उम्मीद के साथ उन्हें यह पत्र लिख रहा हूं और बेंगलुरु के लिए कुछ सुझाव दे रहा हूं।"
सूर्या ने अपने पत्र में बेंगलुरु की समस्याओं को लेकर चार प्रमुख सुझाव दिए हैं। पहला, बेंगलुरु की मोबिलिटी पॉलिसी का मुख्य मकसद निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना होना चाहिए। शहर में ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करना जरूरी है। दूसरा, बीएमएलटीए यानी बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन लैंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के अधिकार और आजादी को बहाल किया जाए, ताकि ट्रांसपोर्ट से जुड़े सभी फैसले एक ही एजेंसी के तहत हों। तीसरा, हेब्बल में बन रहे शॉर्ट टनल प्रोजेक्ट को रोका जाए और हेब्बल झील को बचाया जाए। पर्यावरण कार्यकर्ता लंबे समय से इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। चौथा, सबसे अहम मांग है कि पार्क की 5 प्रतिशत जमीन के इस्तेमाल से जुड़े संशोधन को पूरी तरह वापस लिया जाए और टनल रोड प्रोजेक्ट को रद्द किया जाए।
तेजस्वी ने अंत में लिखा, "मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस मौके का इस्तेमाल सही दिशा में कदम उठाने और बेंगलुरु के लंबे समय के हितों को अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा से ऊपर रखने के लिए करेंगे।"
--आईएएनएस
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