कोलकाता, 19 सितंबर (आईएएनएस)। नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के एक दिन बाद पुलिस ने शनिवार को रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार शफीउल इस्लाम को एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि शफीउल इस्लाम ने 6 अक्टूबर को होने वाले रेजीनगर उपचुनाव के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 14 सितंबर को नामांकन पत्र दाखिल किया था। पुलिस ने उन्हें मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल से नौदा पुलिस ने गिरफ्तार किया।
उन्हें रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा। उनका घर नौदा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत बतुकनाथपुर गांव में है।
पुलिस के अनुसार, 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले, नौदा के पटिकाबारी इलाके में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच बड़ी झड़प हुई थी। शफीउल इस्लाम को उस मामले में आरोपी बनाया गया था और वे कथित तौर पर फरार चल रहे थे।
हालांकि, एजेयूपी नेताओं ने दावा किया कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक कारणों से की गई है। उन्होंने कहा कि भले ही शफीउल ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया, लेकिन असल में वे पार्टी के नौदा ब्लॉक अध्यक्ष हैं। एजेयूपी विधायक हुमायूं कबीर के बेटे, गोलम नबी आजाद उर्फ रॉबिन, रेजीनगर से एजेयूपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि शफीउल को रणनीतिक कारणों से रॉबिन के 'डमी' उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारा गया था, ताकि अगर मुख्य उम्मीदवार का नामांकन रद्द भी हो जाए, तो भी पार्टी का चुनाव चिह्न मैदान में बना रहे।
गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए रॉबिन ने कहा: “चुनाव ऐसे नहीं लड़े जा सकते। चुनाव की घोषणा होते ही, एक के बाद एक पार्टी कार्यकर्ताओं को पुराने झूठे मामलों में गिरफ्तार किया जा रहा है। लोग हमारे लिए वोट करने की उम्मीद कैसे करेंगे? यह विपक्ष को डराने-धमकाने की एक चाल है।” उन्होंने आगे कहा कि डमी उम्मीदवार एक आम चुनावी रणनीति है और शफीउल की गिरफ्तारी से पता चलता है कि सत्ताधारी पार्टी डरी हुई है।
शुक्रवार को पुलिस ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को नंदीग्राम उपचुनाव से जुड़े चार पुराने मामलों में गिरफ्तार किया। यह उपचुनाव भी 6 अक्टूबर को होना है। उनका नाम 2007 में नंदीग्राम आंदोलन के दौरान हुए एक हत्या के मामले से जुड़ा था।
उन्हें हल्दिया कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
--आईएएनएस
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