बच्चों को कभी बोझ समझा जाता था, लेकिन अब वे आय का स्रोत बन गए हैं: चंद्रबाबू नायडू

बच्चों को कभी बोझ समझा जाता था, लेकिन अब वे आय का स्रोत बन गए हैं: चंद्रबाबू नायडू

अमरावती, 24 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि बच्चों को कभी बोझ समझा जाता था, लेकिन अब वे आय का स्रोत बन गए हैं।

उन्होंने कहा कि 'थल्लीकी वंदनम' योजना के तहत अधिक बच्चों वाली माताओं के बैंक खातों में अधिक राशि जमा हो रही है।

वे पोलावरम जिले के रामपचोडावरम स्थित एक सरकारी हाई स्कूल में आयोजित मेगा पेरेंट-टीचर मीटिंग में बोल रहे थे।

'थल्लीकी वंदनम' योजना के तहत सरकार प्रत्येक स्कूली बच्चे के लिए प्रत्येक माता के बैंक खाते में 15,000 रुपए जमा कर रही है। बच्चों की संख्या पर कोई सीमा नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रतिवर्ष 67 लाख बच्चों के लिए 10,120 करोड़ रुपए जमा कर रही है।

उन्होंने दावा किया कि वित्तीय बाधाओं के बावजूद, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इस योजना का लाभ सभी तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन सरकार ने सरकारी शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाए हैं।

उन्होंने दावा किया कि ऐसे समय में जब सरकारी स्कूलों से निजी स्कूलों की ओर रुझान बढ़ रहा है, वास्तव में 1.10 लाख छात्र निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में चले गए हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकारी स्कूलों की वास्तविक शक्ति को दर्शाता है।

चंद्रबाबू नायडू ने शिक्षा मंत्री के रूप में अपने बेटे नारा लोकेश के प्रदर्शन की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में हो रहे बदलावों को देखते हुए, उन्हें खुशी है कि लोकेश ने यह भूमिका संभाली।

चंद्रबाबू नायडू ने सभा को बताया कि सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में प्रमुख उद्योगों को ला रही है ताकि उन्हें रोजगार के लिए कहीं और न जाना पड़े।

छात्रों को पढ़ाई को बोझ समझने के बजाय लगन से करना चाहिए। हम ऐसे विकास को बढ़ावा दे रहे हैं जिससे उन लोगों के लिए प्रमुख उद्योगों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे जो पांच साल तक अपनी पढ़ाई के लिए समर्पित रहते हैं।

उनका मानना ​​है कि आदिवासी क्षेत्रों के बच्चे अनमोल रत्नों के समान हैं और यदि उन्हें अवसर दिए जाएं तो वे चमत्कार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राष्ट्र के लिए गौरव का स्रोत और सभी के लिए प्रेरणा हैं।

उन्होंने दोहराया कि वे प्रधानमंत्री मोदी और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण राज्य के विकास के अपने वादे को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं।

नायडू ने दावा किया कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की पिछली सरकार ने 14 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण लेकर और सरकारी संपत्तियों को गिरवी रखकर 10 लाख करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। उन्होंने कहा कि हम गिरवी रखी गई सरकारी संपत्तियों को छुड़ा रहे हैं और ब्याज का बोझ कम करने के उपाय कर रहे हैं।

उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य की वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाने में कुछ समय लग रहा है।

--आईएएनएस

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