बरेली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान गैर-इस्लामी गतिविधियों से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में मनाई जाएगी। उन्होंने इस अवसर पर देश के सभी नागरिकों को बधाई दी।
बरेली में आईएएनएस से बातचीत में शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि कई शहरों और गांवों में निकाले जाने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी में कुछ ऐसी प्रथाएं शामिल हो गई हैं, जिन्हें शरीयत के नजरिए से उचित नहीं माना जाता। उन्होंने मुस्लिम युवाओं से अपील की कि वे जुलूस के दौरान ऐसी गतिविधियों से बचें।
उन्होंने कहा कि समुदाय के लोगों की सुरक्षा और धार्मिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में शरीयत के नजरिए से बात रखी गई है और फतवा भी जारी किया गया है। उन्होंने युवाओं से जुलूस के दौरान डीजे का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान गैर-इस्लामी काम न करें, बल्कि ऐसे काम करें, जिससे किसी को समस्या न हो, जुलूस को शरीयत के मुताबिक रखें, ताकि उसकी बदनामी न हो। जुलूस के दौरान कई ऐसी गतिविधियां की जाती हैं, जिन्हें जायज नहीं माना जा सकता।
बरेलवी ने कहा कि तेज आवाज में डीजे बजाने से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कई घरों की दीवार दरक जाती है। तेज आवाज से इंसान के दिल और दिमाग पर असर पड़ सकता है। इसीलिए, ऐसी गैर-इस्लामी चीजों को करने से बचना चाहिए।
दूसरी ओर, बरेलवी ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 558 मदरसों की जांच शुरू किए जाने के फैसले का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है, जो मदरसों में हुई नियुक्तियों की जांच करेगी।
बरेलवी ने कहा कि वह इस जांच के पक्ष में हैं। मदरसों के प्रबंधन तंत्र में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई ऐसी शिकायतों की जानकारी उन्हें भी है, जिनके बारे में सरकार और आम जनता भी जानती है। अगर किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। धर्म के मामले में भ्रष्टाचार होना शर्म की बात है। सरकार द्वारा जांच के आदेश देना बिल्कुल उचित है।
--आईएएनएस
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