मुंबई, 2 सितंबर (आईएएनएस)। बांद्रा इलाके मैं रियल एस्टेट डेवलपर से कथित तौर पर 11 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और पहली किस्त के तौर पर 25 लाख रुपए वसूलने पहुंचे पांच आरोपियों को मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (एईसी) ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि रंगदारी की इस मांग को दबाव बनाने के लिए छोटा राजन गैंग के नाम से धमकी दी गई थी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान एथेल स्टीवन, डेनियल स्टीवन, नसीर अब्दुल शेख, अब्दुला खान, रेमी खेस्टी फर्नांडिस (छोटा राजन गिरोह का सदस्य) के रूप में हुई है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया जहां कोर्ट ने 5 सितम्बर तक पुलिस कस्टडी मे भेज दिया।
पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य कथित आरोपियों की तलाश कर रही है, साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों का वास्तव में किसी अंडरवर्ल्ड नेटवर्क से संबंध है या छोटा राजन गैंग का नाम महज डर पैदा करने के लिए इस्तेमाल किया गया।
पुलिस के मुताबिक मामला बांद्रा पश्चिम स्थित एक पुनर्विकास परियोजना से जुड़ा है। यह संपत्ति आर्कडायोसिस ऑफ बॉम्बे ट्रस्ट की बताई जा रही है। दिलजे प्रॉपर्टी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने जून 2026 में इस प्रोजेक्ट के लिए रजिस्टर्ड एग्रीमेंट किया था।
जर्जर इमारत को गिराए जाने के बाद डेनियल, एथेल और उनके कथित साथियों ने निर्माण कार्य का विरोध शुरू किया और डेवलपर से पैसे की मांग करने लगे। पुलिस का आरोप है कि समय के साथ यह मांग बढ़ती गई और बाद में आरोपियों ने राजलक्ष्मी कंपनी से जुड़े कुछ लोगों तथा अन्य कथित सहयोगियों के साथ मिलकर कई करोड़ रुपए की मांग शुरू कर दी।
छोटा राजन गैंग का नाम लेकर धमकी...मामला उस समय गंभीर हो गया जब कथित तौर पर धमकी देने के लिए छोटा राजन गैंग का नाम इस्तेमाल किया गया।
पुलिस के अनुसार 26 जून को करीब 10 से 15 लोग दो वाहनों में सवार होकर पुनर्विकास स्थल पर पहुंचे। इनमें से कुछ के पास हथियार होने का भी आरोप है। इन लोगों ने साइट सुपरवाइजर जाहिद शेख और सुरक्षा कर्मचारियों को कथित तौर पर धमकाया और निर्माण कार्य बंद करने के लिए कहा।
आरोप है कि डेवलपर को चेतावनी दी गई कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो कंपनी के मालिकों को झूठे आपराधिक मामलों में फंसाया जाएगा। इनमें कथित तौर पर यौन अपराधों से जुड़े झूठे मामले दर्ज कराने और शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई।
पुलिस के मुताबिक बातचीत और दबाव के बाद कथित रंगदारी की रकम को घटाकर 11 करोड़ रुपए किया गया। इसके बाद पहली किस्त के रूप में 25 लाख रुपए देने की बात तय हुई।
यह रकम 1 सितंबर को बांद्रा पश्चिम स्थित नमदार हाउस, हिल रोड के एक कार्यालय में देने की योजना थी। इसी दौरान डेवलपर ने एंटी-एक्सटॉर्शन सेल से संपर्क किया।
डेवलपर की शिकायत के बाद एईसी ने जाल बिछाया। अधिकारी अरुण थोराट के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया।
पुलिस ने असली 25 लाख रुपए देने के बजाय बैग में 500 रुपए के नोटों की 50 गड्डियां रखीं, जिन पर “चिल्ड्रन्स बैंक ऑफ इंडिया” लिखा हुआ था। हालांकि गड्डियों को पहली नजर में असली दिखाने के लिए प्रत्येक बंडल के ऊपर और नीचे असली 500 रुपए के नोट लगाए गए थे।
पुलिस के मुताबिक डेनियल स्टीवन, एथेल स्टीवन और नजीर शेख कथित तौर पर रकम लेने के लिए पहुंचे। जैसे ही उन्होंने बैग स्वीकार किया, एंटी-एक्सटॉर्शन सेल की टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें दबोच लिया।
ऑपरेशन के दौरान उनके कथित दो सहयोगियों अब्दुल्ला खान और रेमी फर्नांडिस को भी गिरफ्तार किया गया।
क्राइम ब्रांच अब मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों का फोकस कथित रंगदारी के पूरे नेटवर्क, बाकी आरोपियों की पहचान, पैसों के लेन-देन और इस बात पर है कि इस पूरी साजिश के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या छोटा राजन गैंग का वास्तव में इस मामले से कोई संबंध था या आरोपियों ने केवल डेवलपर को डराने और करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूलने के लिए अंडरवर्ल्ड का नाम इस्तेमाल किया था।
पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की तलाश के साथ-साथ कथित अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
--आईएएनएस
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