भोपाल, 13 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में फैली मौसमी बीमारी की चपेट में बड़ी संख्या में बच्चे आए हैं।प्रशासन का दावा है कि अधिकांश बच्चे स्वस्थ होकर घरों को लौट चुके हैं और 20 बच्चों का उपचार चल रहा है जबकि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का दावा है कि 9 बच्चों की मौत हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के ग्राम कुंडेकसा, अडोरी, कोरका एवं बोंदारी में मौसमी बीमारी, सर्दी-खांसी, बुखार, चर्मरोग, मीजल्स, स्कैबीज, टायफाइड एवं मलेरिया सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित कुल 117 बच्चों को 13 अगस्त तक जिला अस्पताल बालाघाट में भर्ती कराया गया है।
बताया गया है कि 13 अगस्त को ग्राम कोरका के 4 बच्चों को स्वस्थ होने पर जिला अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके साथ ही अब तक कुल 97 बच्चे पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। वर्तमान में 20 बच्चे अस्पताल में उपचाररत हैं। अस्पताल में भर्ती सभी बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य एवं संतोषजनक है तथा सभी खतरे से बाहर हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित ग्रामों में 20 सर्वेक्षण टीमों के माध्यम से घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। बीमार व्यक्तियों की जांच एवं आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए 10 चिकित्सा अधिकारियों तथा 4 एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।
वहींं, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बालाघाट में नौ बच्चों की मौत होने का आरोप लगाया है और वह शुक्रवार को प्रभावित बच्चों का इलाज चल रहा है।
दरअसल, अडोरी ग्राम पंचायत के ग्राम कुंडेकसा, कोरका एवं बोंदारी में बीमारी फैलने की जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन ग्रामों में 12 जुलाई से घर-घर जाकर सर्वे का कार्य प्रारंभ किया गया। 13 अगस्त तक घर-घर जाकर सर्वे के दौरान 2220 व्यक्तियों की जांच की गई है। इस जांच के दौरान मलेरिया के 190, दस्त के 98, शरीर पर दाने के साथ बुखार के 88 एवं चर्म रोग के 143 मरीज पाये गए है।
इस प्रकार, 13 अगस्त तक कुल 519 मरीज सर्वे में पाए गए है। इनमें से घर पर उपचार के दौरान 402 मरीज ठीक हो गए है। अस्पताल में 117 मरीजों को भर्ती कराया गया है, इनमें से 97 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके है और 20 मरीजो का अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
--आईएएनएस
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