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राम मंदिर को मिला नया सीईओ, पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर संतों ने जताई खुशी

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अयोध्या, 2 सितंबर (आईएएनएस)। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के सीईओ के तौर पर एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को लेकर अयोध्या के संतों और धार्मिक नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई संतों ने पूर्व सैन्य अधिकारी को यह जिम्मेदारी दिए जाने का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि उनके अनुभव से मंदिर का प्रबंधन बेहतर और पारदर्शी होगा। वहीं, कुछ संतों ने ट्रस्ट के सदस्यों की नियुक्ति और मंदिर की धार्मिक परंपराओं को लेकर अपनी अपेक्षाएं भी सामने रखीं।

महंत सीताराम दास जी महाराज ने जीतेंद्र मिश्रा को सीईओ नियुक्त किए जाने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश की सेवा कर चुके व्यक्ति को अब रामलला की सेवा का अवसर मिला है और वह इस जिम्मेदारी के लिए उन्हें अपनी शुभकामनाएं देते हैं। हालांकि, उन्होंने ट्रस्ट के तीन सदस्यों की नियुक्ति को लेकर संतों की आपत्ति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संतों का कहना है कि नियुक्त किए गए लोग राम जन्मभूमि आंदोलन के ऐतिहासिक संघर्षों से जुड़े नहीं रहे हैं।

महंत राजू दास ने नए सीईओ की नियुक्ति को अच्छा कदम बताते हुए जीतेंद्र मिश्रा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मंदिर में पूजा-अर्चना वैष्णव, संत, विरक्त और रामानंदी परंपरा के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने नए सीईओ से अयोध्या में गोशालाओं की व्यवस्था पर भी ध्यान देने की अपील की। राजू दास ने कहा कि शुरुआत से उनकी राय रही है कि मंदिर की जिम्मेदारी किसी संत को दी जाती तो बेहतर होता, क्योंकि संत भगवान की सेवा और भक्ति के लिए अधिक समर्पित भाव से काम कर सकते हैं। इसके बावजूद उन्होंने पूर्व सैन्य अधिकारी की नियुक्ति का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के महासचिव बजरंग लाल बागड़ा ने नियुक्ति को संगठनात्मक बदलाव का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े संस्थान को समय, परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करना पड़ता है। मंदिर की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सीईओ और सभी दस ट्रस्टियों ने प्रबंधन में दक्षता और सुधार के लिए आवश्यक बदलाव करने का निर्णय लिया है।

सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत देवेशाचार्य जी महाराज ने कहा कि संत समाज पहले सीईओ नियुक्त करने के विचार का विरोध कर रहा था, लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट ने जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति सर्वसम्मति से की है। संतों के लिए संतोष की बात यह है कि सीईओ के लिए किसी आईएएस या आईपीएस अधिकारी के बजाय पूर्व सशस्त्र बल अधिकारी को चुना गया है। सैन्य पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्ति से मंदिर की पवित्रता और अनुशासन बनाए रखने की उम्मीद है।

महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने भी नियुक्ति को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर विपक्ष ने राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की। नए सीईओ जीतेंद्र मिश्रा ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश तथा समाज के लिए सराहनीय कार्य किया है।

धर्मगुरु करपात्री जी महाराज ने जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर प्रसन्नता जताते हुए उनके सैन्य करियर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मिश्रा ने कारगिल युद्ध में हिस्सा लिया, अटल बिहारी वाजपेयी का आशीर्वाद प्राप्त किया और बाद में एयर चीफ मार्शल के पद तक पहुंचे और 'ऑपरेशन सिंदूर' में भी हिस्सा लिया। ऐसे अनुभवी व्यक्ति का राम मंदिर का सीईओ बनना सौभाग्य की बात है।

बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को सराहनीय निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या का राम मंदिर देश और दुनिया के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। सैन्य पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को मंदिर का सीईओ बनाया जाना अच्छा फैसला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सैन्य सेवा से जुड़े लोगों पर देश का भरोसा रहा है।

--आईएएनएस

पीएसके