नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। अयोध्या में कांग्रेस की ओर से पवित्र सावन महीने में आयोजित कथित 'मछली दावत' को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस आयोजन को विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने हिंदू आस्था और धार्मिक भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता बताया है। उन्होंने कांग्रेस पर हिंदू धर्म, आस्था और धार्मिक प्रतीकों के अपमान का आरोप लगाते हुए पार्टी से तत्काल माफी मांगने की मांग की।
विनोद बंसल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि हिंदू धर्म और उसकी आस्थाओं का अपमान करना कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र का हिस्सा बन गया है। कांग्रेस के नेता आम तौर पर अयोध्या नहीं जाते, लेकिन जब वहां पहुंचते हैं तो ऐसे आयोजन किए जाते हैं।
उन्होंने कांग्रेस के नेताओं के कथित धार्मिक और राजनीतिक बयानों को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे स्थान पर सावन के दौरान मछली दावत का आयोजन करना धार्मिक भावनाओं के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है। कांग्रेस ने पहले गलत काम किया और इसके बाद भगवान राम के अनन्य मित्र निषादराज के नाम का इस्तेमाल करके उसे सही ठहराने की कोशिश की।
बंसल ने कहा कि निषादराज रामायण और रामचरितमानस की परंपरा में महत्वपूर्ण पात्र हैं। उनके नाम का उल्लेख करते हुए किसी आयोजन को धार्मिक आस्था के अनुरूप साबित करने की कोशिश उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सहयोगी दलों के नेताओं की ओर से भी हिंदू धर्मग्रंथों और धार्मिक परंपराओं को लेकर विवादित टिप्पणियां की जाती रही हैं। कांग्रेस को समझना चाहिए कि अयोध्या से संतों और श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इस पूरे विवाद के कारण उनमें रोष है और कांग्रेस को इस नाराजगी को गंभीरता से समझना चाहिए।
वीएचपी प्रवक्ता ने कहा कि हिंदू आस्था और विश्वास के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस से मामले में तत्काल माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को धार्मिक स्थलों और धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। खासकर अयोध्या जैसे धार्मिक महत्व वाले शहर में किसी भी आयोजन के राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखना जरूरी है।
वहीं, महाराष्ट्र में गणपति जुलूस के दौरान कथित तौर पर अंडे और पत्थर फेंके जाने की घटना पर भी वीएचपी प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि धार्मिक जुलूस या पूजा-अनुष्ठान के दौरान इस तरह की घटनाएं किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकतीं। घटना के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि महाराष्ट्र सरकार और पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। हिंदू आस्था और धार्मिक आयोजनों के साथ इस तरह की घटनाओं पर तेजी से अंकुश लगाना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
उत्तर प्रदेश में मदरसों में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर भी विनोद बंसल ने योगी आदित्यनाथ सरकार के कदमों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कानून के अनुसार काम करती है और जो भी कानून का उल्लंघन करेगा, उसे दंड भुगतना होगा। कुछ मदरसों में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान कुछ स्थानों से कथित तौर पर देशविरोधी गतिविधियों, जाली नोट और आतंकवाद से जुड़े मामलों के तार सामने आए हैं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार और जांच एजेंसियां गंभीर मामलों में आरोपियों तक पहुंचने के लिए कार्रवाई कर रही हैं। अगर किसी संस्था में गलत गतिविधियां हो रही हैं तो उसकी जांच जरूरी है और कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।
--आईएएनएस
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