मथुरा, 7 जुलाई (आईएएनएस)। चित्रगुप्त पीठाधीश्वर सच्चिदानंद महाराज ने श्री कृष्ण जन्मभूमि मुद्दे को लेकर 9 अगस्त को कार सेवा का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि को मुक्त कराने के लिए होगा और इसमें देशभर के संत-महात्माओं का पूरा समर्थन है। महाराज ने स्पष्ट किया कि अदालती प्रक्रिया में बार-बार बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं, जिससे भगवान को उनका स्थान नहीं मिल पा रहा है। अब इसे ज्यादा दिन तक बर्दाश्त नहीं कर सकते।
आईएएनएस से बातचीत में सच्चिदानंद महाराज ने अयोध्या राम मंदिर आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि जिस प्रकार 1990 में अयोध्या में कार सेवा हुई और रामलला को स्थापित करने के लिए संतों-भक्तों ने प्रयास किया, उसी प्रकार अब ब्रजभूमि में भी कार सेवा होगी।
उन्होंने संतों से लगातार संपर्क बनाए रखने की जानकारी दी। सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि दिल्ली में हिंदू महासभा के पदाधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। हरिद्वार में खड़गपुर परिषद के प्रमुख और अन्य संतों के साथ भी बैठकें तय हैं। बागेश्वर धाम सहित विभिन्न स्थानों के संतों से समर्थन मिल रहा है।
सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि सभी संत इस मुद्दे पर एकमत हैं कि अब समय आ गया है जब भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली को मूल स्वरूप में वापस लाया जाए। उन्होंने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज की लड़ाई है। भगवान श्री कृष्ण जहां माखन-मिश्री का भोग लगाते थे, उसी पवित्र स्थल को वापस पाने के लिए लाखों भक्त तैयार हैं।
9 अगस्त को प्रस्तावित कार सेवा को अयोध्या आंदोलन की तर्ज पर आयोजित किया जाएगा। दिल्ली से यात्रा शुरू होकर मथुरा पहुंचेगी और कार सेवा का रूप लेगी। महाराज ने बताया कि यह कार्यक्रम अगस्त की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर चुना गया है। पूरे भारत में सनातनी और श्री कृष्ण भक्तों से अपील की गई है कि वे बड़ी संख्या में शामिल हों।
उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र में प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। 9 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर उत्साह है। महाराज ने कहा कि पूरे विश्व के सनातनी और श्री कृष्ण भक्त इस आंदोलन की चर्चा कर रहे हैं। केवल सनातनी ही नहीं, अन्य धर्मों के लोग भी श्री कृष्ण के भजन गाते हैं। ऐसे में लाखों की संख्या में भक्त मथुरा पहुंचकर कार सेवा में शामिल होंगे।
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर उन्होंने सरकार पर भरोसा जताया है और एसआईटी जांच का स्वागत किया। सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सीएम होने के साथ ही साथ एक संत हैं, धर्म के रक्षक हैं। उन्होंने राम मंदिर दान चोरी मामले में एसआईटी गठित की है, जो पूर्ण निष्पक्षता और सख्ती से जांच करेगी।
उन्होंने कहा कि एसआईटी को यह भी जांचना चाहिए कि कहीं विपक्षी तत्वों ने जानबूझकर कमेटी में लोगों को प्रवेश तो नहीं कराया था। महाराज को उम्मीद है कि एसआईटी की रिपोर्ट जल्द आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी।