नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर मीडिया को संबोधित किया और पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के निर्णय के बाद पंजाब सरकार पर न्यायालय में झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए अरविंद केजरीवाल से राज्य सरकार के इस्तीफे की मांग की।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने झारखंड और पंजाब के छात्रों के मुद्दों पर राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल तथा जंतर-मंतर के कथित छात्र हितैषियों की चुप्पी पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि छात्र हितों का स्वांग रचने वालों का छात्रों के वास्तविक कष्टों से कोई सरोकार नहीं है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के कल के निर्णय के बाद एक बहुत गंभीर प्रश्न उठकर खड़ा हो गया है कि पंजाब में संसद की दृष्टि से सर्वोच्च स्थान विधानसभा पर पंजाब की सरकार ने झूठ बोला और यह न्यायालय में प्रमाणित हो गया। अब हम अरविंद केजरीवाल से पूछना चाहते हैं, जो झारखंड से लेकर पंजाब तक के मामले पर मुंह में दही जमाकर बैठे हुए थे कि जब न्यायालय में आपकी सरकार का झूठ बोलना साबित हो गया है तो अब क्या आप अपनी सरकार का इस्तीफा लेंगे?
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि दूसरी तरफ भारत की संसद, जो संवैधानिक दृष्टि से चर्चा और संवाद का सबसे बड़ा स्थल है, वहां निरंतर बवाल मचाकर रखा गया है। अर्थात, पंजाब विधानसभा में झूठ, भारत की संसद में बवाल और न्यायालय द्वारा उठते सवाल, ये तीनों साफ दर्शाते हैं कि छात्र हितों के सभी अलंबरदार, जो झारखंड और पंजाब पर मुंह में दही जमाकर बैठे हुए अरविंद केजरीवाल और कान में तेल डालकर बैठे हुए राहुल गांधी हैं, इन दोनों की तथाकथित नैतिकता ने संवैधानिकता के धरातल पर दम तोड़ दिया है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि उसके साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी यह भी अपेक्षा करती है कि छात्र हितों के नए-नए नवोदित झंडाबरदार और जंतर-मंतर के किरदार आज कहां हैं? झारखंड के छात्रों का कष्ट और कटी हुई बिजली उन्हें दिखाई नहीं दे रही है और पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा लिया गया निर्णय सुनाई नहीं दे रहा है। अतः यह बहुत साफ है कि छात्र हितों का स्वांग रचाने वाले ये सभी राजनेता और छात्र हितों के स्वघोषित झंडाबरदार बनने वाले तमाम किरदारों का छात्र हितों से कोई सरोकार नहीं है।
भाजपा सांसद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब के मामले पर मुंह में दही जमाकर बैठे हुए अरविंद केजरीवाल, झारखंड पर कान में तेल डालकर बैठे हुए राहुल गांधी और जंतर-मंतर के सभी किरदारों से पूछना चाहती है कि वे किसके फरमाबरदार बनकर चुप्पी साधकर बैठे हुए हैं? इसलिए, हम एक पंक्ति में पंजाब से लेकर झारखंड तक के छात्रों के कष्ट को अभिव्यक्त करते हुए कहना चाहेंगे कि ‘पंजाब से लेकर झारखंड तक, छात्रों को बड़ा मलाल है। न्यायालय के निर्णय से अब, उठते कई सवाल हैं। उन्हीं सवालों से बचने को, संसद में यह बवाल है।’
--आईएएनएस
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