गुवाहाटी, 12 जून (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सिंगापुर भेजे जाने वाले 500 किलोग्राम 'ज्योग्राफिकल इंडिकेशन' (जीआई)-टैग वाली तेजपुर लीची की खेप को हरी झंडी दिखाई। यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजारों में राज्य के कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक और कदम है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि असम के तेजपुर क्षेत्र में उत्पादित लीची अपनी गुणवत्ता और स्वाद के कारण देश-विदेश में विशेष पहचान रखती है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि तेजपुर लीची को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त है, जिसके कारण इसकी विशिष्ट पहचान बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस लीची की मांग केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी तेजी से बढ़ रही है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि कुछ दिन पहले ही कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) के माध्यम से 1,000 किलोग्राम तेजपुर लीची का निर्यात दुबई किया गया था। अब 500 किलोग्राम की नई खेप सिंगापुर भेजी जा रही है, जो असम के बागवानी उत्पादों की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि सिंगापुर से और अधिक लीची की मांग प्राप्त हुई है, लेकिन वर्तमान में उपलब्ध उत्पादन सीमित होने के कारण तत्काल बड़ी मात्रा में आपूर्ति करना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि तेजपुर की जीआई-टैग लीची की असम के भीतर भी भारी मांग है, जिसके कारण निर्यात के लिए पर्याप्त मात्रा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
सरमा ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में पहले से बेहतर योजना बनाकर उत्पादन और निर्यात क्षमता बढ़ाने पर काम करेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में असम से अधिक से अधिक बागवानी उत्पादों का निर्यात किया जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। यह असम के कृषि क्षेत्र के लिए नए अवसर लेकर आ रही है, जिससे किसानों को फायदा मिलेगा।