Zubeen Garg Case : सीएम हिमंत बिस्वा सरमा बोले- असम सरकार की जांच सिंगापुर पुलिस से अलग है

हिमंता सरमा ने जुबीन गर्ग मामले में टिप्पणी से परहेज किया, कहा अदालत पर भरोसा रखें
जुबीन गर्ग केस: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा बोले- असम सरकार की जांच सिंगापुर पुलिस से अलग है

गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को सिंगापुर की कोरोनर अदालत में प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की मौत के संबंध में चल रही कार्यवाही पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

उन्‍होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं को उन मामलों में संयम बरतना चाहिए जो विचाराधीन हैं।

मुख्यमंत्री सरमा ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सिंगापुर पुलिस द्वारा की गई जांच पहले ही पूरी हो चुकी है और सिंगापुर की अदालत में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है, जहां वर्तमान में इसकी न्यायिक जांच चल रही है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सिंगापुर में चल रही कानूनी प्रक्रिया और असम में की जा रही जांच एक दूसरे से स्वतंत्र हैं और अलग-अलग अधिकार क्षेत्रों और कानूनी प्रक्रियाओं द्वारा शासित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, "मीडिया में जो भी जानकारी सामने आई है, मैंने उसे पढ़ लिया है। उनकी और हमारी जांच प्रक्रियाएं अलग-अलग हैं, और दोनों ही अपने-अपने कानूनी ढांचे का पालन करती हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि इस स्तर पर इस मुद्दे पर कोई और टिप्पणी करना उनके लिए अनुचित होगा।

मुख्यमंत्री शर्मा ने चेतावनी दी कि अदालत के समक्ष संवेदनशील मामलों पर राजनीतिक हस्तियों की टिप्पणियों की आसानी से गलत व्याख्या की जा सकती है और इससे अनावश्यक अटकलें पैदा हो सकती हैं।

उन्होंने कहा, "चूंकि मामला अदालत में है, इसलिए राजनेताओं को इसमें दखल नहीं देना चाहिए। अदालत ने जो भी टिप्पणी की है, उस पर हमें कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।"

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सिंगर की मौत के हालात के बारे में सिंगापुर कोरोनर कोर्ट से सामने आई रिपोर्ट्स के बाद लोगों का ध्यान इस ओर बढ़ गया है।

इसके साथ ही, असम पुलिस भारतीय कानून के अनुसार अपनी जांच जारी रखे हुए है। अधिकारियों ने दोहराया है कि असम में चल रही जांच स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ रही है और अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर सभी प्रासंगिक पहलुओं की जांच करेगी।

इस बीच, राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि वह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की कानूनी प्रक्रियाओं को बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के अपना रास्ता तय करने देगी, और इस बात पर जोर देगी कि इस मामले में न्यायिक कार्यवाही का सम्मान करना कितना महत्वपूर्ण है, जिसमें व्यापक जनहित है।

--आईएएनएस

 

 

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