असंसदीय शब्दों के लिए राहुल गांधी माफी मांगें : भाजपा

असंसदीय शब्दों के लिए राहुल गांधी माफी मांगें : भाजपा

नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। लोकसभा में ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संघ पर दिए गए बयानों पर भाजपा सांसदों ने पलटवार किया है। उन्होंने मांग की है कि राहुल गांधी अपने असंसदीय शब्दों के लिए माफी मांगें।

भाजपा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि राहुल गांधी बिल पर चर्चा के बजाय अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ा रहे थे, जिससे सदन की कार्यवाही में बाधा पैदा हुई। उन्होंने कई असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया, जो नेता प्रतिपक्ष के पद को शोभा नहीं देता। उनके आरोपों में कोई गंभीरता नहीं थी और तथ्यों का अभाव था। एंटी-पेपर लीक बिल बहुत अच्छा है। इससे नकल कराने वाले माफिया पर सख्त लगाम कसेगी। इसमें तीन-चार अहम प्रावधान हैं। पहला, फास्ट ट्रैक कोर्ट में तीन महीने के अंदर फैसला होगा। दूसरा, सजा पहले तीन से पांच साल थी, अब इसे बढ़ाकर पांच से दस साल कर दिया गया है।

उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इंडी गठबंधन शासित राज्यों में पेपर लीक हुए हैं, लेकिन वे केवल नीट के मुद्दे पर हंगामा कर रहे हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान भी पेपर लीक हुआ था। झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार, जो इंडी गठबंधन का हिस्सा है, वहां भी यही समस्या देखी गई।

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा कि विपक्ष द्वारा पिछले डेढ़ हफ्ते में संसद की कार्यवाही बाधित करने का यह उदाहरण कहीं नहीं मिलता। उन्होंने राहुल गांधी पर टैक्सपेयर्स के पैसे से चलने वाली संसद का समय बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी हैं तो मुमकिन है। ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ जिस तेजी से आगे बढ़ रही है और जिस गंभीरता से प्रधानमंत्री छात्रों के भविष्य को देखते हैं, मुझे नहीं लगता कि कोई और प्रधानमंत्री इसे इस तरह संभाल पाता। कड़े कानून लाना, कम समय में बिल पेश करना, करोड़ों रुपए का जुर्माना, पक्की सजा, फास्ट ट्रैक कोर्ट, हाई-टेक कमेटी का गठन, और अपराधियों को जेल भेजना, ये सब केवल ऐसे प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं।

राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने राहुल गांधी के बयानों को लेकर कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि माफी किसे मांगनी चाहिए। जिस व्यक्ति ने ‘इडियट’ जैसे शब्द का इस्तेमाल किया, उसे माफी मांगनी चाहिए। दो साल पहले सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ जो बिल पेश किया था, उसे और मजबूत किया गया है। यदि कोई संगठित तरीके से गड़बड़ी करता है तो सजा पहले पांच साल थी, अब बढ़ाकर दस साल कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि पेपर लीक कहीं भी नहीं होने चाहिए, चाहे परीक्षा केंद्र सरकार आयोजित करे या राज्य सरकार। यह बिल पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है।

--आईएएनएस

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