गुवाहाटी, 29 जुलाई (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि राज्य बाघ संरक्षण के मामले में भारत के प्रमुख उदाहरणों में से एक बनकर उभरा है। उन्होंने रॉयल बंगाल टाइगर की आबादी में लगातार बढ़ोतरी का श्रेय अवैध शिकार रोकने के लगातार अभियानों, प्राकृतिक आवास (हैबिटेट) के संरक्षण और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को दिया।
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के मौके पर एक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के संरक्षण मॉडल ने वन्यजीवों की सुरक्षा को मजबूत किया है और साथ ही राज्य के संरक्षित क्षेत्रों में बाघों के लिए महत्वपूर्ण आवासों के संरक्षण को भी सुनिश्चित किया है।
सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर हम भारत की बाघ संरक्षण रणनीति की शानदार सफलता का जश्न मना रहे हैं, जिसमें असम आवास प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण के एक बेहतरीन मॉडल के रूप में उभरा है।
उन्होंने कहा कि अवैध शिकार पर रोक लगाने, वन्यजीव गलियारों (कॉरिडोर) की सुरक्षा करने और तकनीक-आधारित निगरानी प्रणालियों को लागू करने पर राज्य सरकार के लगातार जोर ने बाघों के जीवित रहने की संभावनाओं को बेहतर बनाने और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।
सरमा ने नामेरी टाइगर रिजर्व में बाघों की आबादी में हुई उल्लेखनीय बढ़ोतरी पर प्रकाश डाला और इसे हाल के वर्षों में राज्य की सबसे बड़ी संरक्षण उपलब्धियों में से एक बताया। उनके अनुसार, इस रिजर्व में बाघों की संख्या में चार गुना वृद्धि हुई है, जो महज तीन बाघों से बढ़कर 12 हो गई है।
इस घटनाक्रम को असम में वन्यजीव संरक्षण की कोशिशों में एक अहम पड़ाव बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वन विभाग द्वारा लागू किए गए वैज्ञानिक प्रबंधन के तरीकों और सुरक्षा के लिए किए गए तालमेल वाले उपायों की कामयाबी को दिखाता है।
उन्होंने कहा कि असम के प्रमुख टाइगर रिजर्व - काजीरंगा, मानस, ओरंग और नामेरी - देश की खास प्रजातियों में से एक, रॉयल बंगाल टाइगर के लिए सुरक्षित और फलते-फूलते आवास बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने पारिस्थितिक संतुलन और जैव विविधता को बनाए रखने के लिए शीर्ष शिकारियों के संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया और वन्यजीव संरक्षण की पहलों के लिए जनता से लगातार समर्थन की अपील की।
उन्होंने कहा कि काजीरंगा और मानस से लेकर ओरंग और नामेरी तक, हमारे टाइगर रिजर्व रॉयल बंगाल टाइगर के लिए सुरक्षित आवास बने हुए हैं। आइए, इन शानदार जानवरों की सुरक्षा और अपने जंगलों के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के लिए अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता को फिर से दोहराएं।