मुंबई, 7 जून (आईएएनएस)। संजय निरुपम ने रविवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह शिक्षक हो, प्रोफेसर हो, डॉक्टर हो, इंजीनियर हो या वकील। रौशन आनंद पर आरोप लगा तो उन्हें गिरफ्तार किया गया। अब खान सर पर आरोप लगा है तो उन्हें भी गिरफ्तारी देनी होगी। यदि किसी ने अपराध किया है तो उसे कानून के अनुसार सजा भुगतनी होगी।
पटना के कोचिंग संस्थान बहुत प्रसिद्ध हैं। वहां गरीब बच्चों को मुफ्त या कम फीस में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। ऐसे में वहां दो कोचिंग संस्थानों के बीच गंभीर विवाद चल रहा है। एक फैसल खान (खान सर) का कोचिंग संस्थान है और दूसरा रौशन आनंद का कोचिंग संस्थान। कुछ दिन पहले दोनों संस्थानों के बीच एक विवाद हुआ।
खान सर ने आरोप लगाया था कि रौशन आनंद के ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान से जुड़े लोगों ने उन पर गोली चलवाई। इस घटना के बाद काफी हंगामा हुआ और रौशन आनंद को गिरफ्तार भी किया गया। बाद में पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 'ज्ञान बिंदु' की ओर से नहीं, बल्कि खान सर के गार्ड्स की ओर से पहले फायरिंग की गई थी। इसके बाद खान सर के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ। ऐसे में अब खान सर को भी गिरफ्तारी देनी होगी। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनके संस्थान को सील कर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों का कार्य बच्चों को सही मार्गदर्शन देना है, न कि किसी प्रकार की गलत गतिविधियों में शामिल होना।
पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर संजय निरुपम ने कहा कि ममता बनर्जी ने कठिन परिश्रम से अपनी पार्टी खड़ी की और लगभग 15 वर्षों तक पश्चिम बंगाल में सरकार चलाई, लेकिन हाल के विधानसभा चुनावों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक कलह बढ़ गई है। कई विधायकों ने असंतोष जताया है और पार्टी टूट रही है।
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों और विधान परिषद की 17 सीटों के चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि छह सीटों पर निर्विरोध चुनाव हो गए, जिसमें महायुति के उम्मीदवार जीत गए। विपक्षी गठबंधन (कांग्रेस और महा विकास अघाड़ी) ने अपने कुछ उम्मीदवार वापस ले लिए, जिससे विपक्ष को नुकसान हुआ।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में संगठनात्मक कमजोरी है और कई जगहों पर उम्मीदवारों में आत्मविश्वास की कमी दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, विपक्षी गठबंधन में समन्वय की कमी है, जिससे उन्हें लगातार चुनावों में नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मदरसों के सर्वे को लेकर संजय निरुपम ने कहा कि मदरसों की आड़ में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या घुसपैठ को रोकने के लिए सख्त जांच और निगरानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मदरसों का उद्देश्य केवल शिक्षा होना चाहिए और उनकी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर उचित जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पश्चिम बंगाल सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है तो यह राज्य और देश की सुरक्षा के हित में है।