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आंध्र प्रदेश: ईडी ने टीटीडी घी मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया

टीटीडी घी मिलावट मामले में ईडी ने आरोपी को किया गिरफ्तार
आंध्र

हैदराबाद, 18 सितंबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) घी में मिलावट के मामले में कैलाश चंद मंगला को गिरफ्तार किया है।

सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला को गुरुवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया।

केंद्रीय एजेंसी ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि उन्हें आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित विशेष न्यायालय (पीएमएलए) के समक्ष पेश किया गया, जिसने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

ईडी ने तिरुपति पूर्व पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें टीटीडी को मिलावटी घी की फर्जी आपूर्ति से संबंधित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है।

ईडी जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि मिलावटी घी कथित तौर पर परिष्कृत ताड़ के तेल, ताड़ के बीज के तेल, पामोलिन और एमजी-90, मोनोग्लिसराइड्स, मायवेसेट सॉफ्ट 400 और एसिटिक एसिड एस्टर सहित विभिन्न रसायनों का उपयोग करके बनाया गया था। बाद में इसे टीटीडी द्वारा उपयोग के लिए एगमार्क स्पेशल ग्रेड गाय के घी के रूप में आपूर्ति की गई।

2019-2024 के दौरान टीटीडी को कथित तौर पर धोखाधड़ी से की गई घी की आपूर्ति का मूल्य लगभग 230 करोड़ रुपए था। इसमें से लगभग 96 करोड़ रुपए मूल्य का मिलावटी घी कैलाश चंद मंगला द्वारा निर्मित किया गया था।

ईडी ने कहा कि मंगला इस मामले में सह-साजिशकर्ताओं में से एक था और उसने मिलावट की खरीद और अपने कारखाने में मिलावटी घी के निर्माण में सहायता की।

उसने श्री वैश्नवी डेयरी स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड, मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और ए.आर. डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड सहित विभिन्न फर्जी कंपनियों के माध्यम से मिलावटी घी की आपूर्ति का समन्वय भी किया।

जांच में यह भी पता चला कि मंगला ने घी और परिष्कृत ताड़ के तेल की बिक्री और खरीद से संबंधित फर्जी रिकॉर्ड बनाए और उन्हें बनाए रखा ताकि मिलावट की वास्तविक खपत को छिपाया जा सके और असली गाय के घी के वैध उत्पादन और आपूर्ति का आभास कराया जा सके।

--आईएएनएस

एमएस/