अमरावती, 1 सितंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार कल्याण, विकास और सुशासन को प्राथमिकता दे रही है तथा गरीबों का आर्थिक सशक्तिकरण उसका प्रमुख लक्ष्य है।
पश्चिम गोदावरी जिले में एनटीआर भरोसा पेंशन वितरण कार्यक्रम में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, दिव्यांगों और अन्य पात्र वर्गों को बढ़ी हुई पेंशन दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक पेंशन के माध्यम से गरीबों के बीच 73,507 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं, जबकि पिछले दो वर्षों में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर करीब 1.50 लाख करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
चंद्रबाबू नायडू ने याद दिलाया कि 31 वर्ष पहले, 1 सितंबर को उन्होंने पहली बार अविभाजित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने कहा कि तब से शासन में जनभागीदारी बढ़ाने और जागरूकता फैलाने के लिए कई सुधार और योजनाएं लागू की गईं।
टीडीपी प्रमुख ने दावा किया कि राज्य में जब भी चुनाव होंगे, एनडीए गठबंधन को हराना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास तभी संभव है जब स्थानीय निकाय मजबूत हों। वार्ड सदस्य, सरपंच, विधायक और सांसद शासन व्यवस्था में सक्रिय भागीदार बनें, तभी केंद्र से ग्रामीण विकास के लिए अधिक धन प्राप्त किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग स्थानीय निकाय चुनाव कराने में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं और राज्य में हो रहे विकास कार्यों को रोकना चाहते हैं।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए सीएम नायडू ने कहा कि डीडब्ल्यूसीआरए समूहों के जरिए शुरू हुए बचत आंदोलन ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की नींव रखी। उन्होंने बताया कि महिलाओं को रसोई गैस की समस्या से राहत देने के लिए शुरू की गई दीपम योजना के तहत अब दीपम-2.0 में हर साल तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिए जा रहे हैं। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण भी उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष एक लाख डीडब्ल्यूसीआरए महिलाएं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम उद्यमी बनीं और इस वर्ष इस संख्या को और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ‘स्वयम’ ब्रांड के माध्यम से महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों के विपणन की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदाय अब भी सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं। सरकार इन वर्गों को आगे लाने के लिए विशेष कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि वड्डेरा समुदाय को खनन क्षेत्र में तथा ताड़ी निकालने वाले समुदाय को शराब की दुकानों में आरक्षण दिया गया है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित एससी वर्गीकरण का मुद्दा भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। आदिवासी क्षेत्रों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और आईआईटी, आईआईएम जैसे संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
नायडू ने कहा कि किसी भी गांव में गरीब लोगों की मौजूदगी चिंता का विषय होनी चाहिए। सरकार आर्थिक असमानता कम करने और सभी नागरिकों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 'पी4' कार्यक्रम के जरिए लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
जल संसाधनों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वेलिगोंडा परियोजना के माध्यम से सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक कृष्णा नदी का पानी पहुंचाया गया है। साथ ही गोदावरी नदी के पानी को उत्तरी आंध्र तक पहुंचाने की दिशा में भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष अनाकापल्ली और विशाखापट्टनम तक गोदावरी का पानी पहुंचाने का लक्ष्य है, जिसके बाद इसे वंशधारा क्षेत्र तक ले जाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नदियों को जोड़ने की योजना के माध्यम से देश में जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान निकालना उनका उद्देश्य है।
उन्होंने पिछली सरकार पर उद्योगों को राज्य से बाहर जाने देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचा। उनकी सरकार अब बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित कर रही है और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर ध्यान दे रही है।
नायडू ने कहा कि सरकार राज्य के 1.60 करोड़ परिवारों तक ऑनलाइन सरकारी सेवाएं पहुंचाने की व्यवस्था विकसित कर रही है। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत हर घर में सौर ऊर्जा पैनल लगाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में मंत्री निम्मला रामानायडू, गोट्टीपाटी रवि कुमार, उपाध्यक्ष रघुराम कृष्णम राजू, केंद्रीय मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा, व्हिप बोलिसेट्टी श्रीनिवास सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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