हरिद्वार, 29 जुलाई (आईएएनएस)। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के पावन अवसर पर योगगुरु स्वामी रामदेव ने कांवड़ियों से अनुशासन, स्वच्छता और सात्विक जीवन अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है; यह भगवान शिव के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प है। शिव के नाम पर किसी भी प्रकार का नशा करना या यात्रा के दौरान हुड़दंग मचाना भगवान शिव और सनातन संस्कृति का अपमान है।
स्वामी रामदेव ने कहा कि श्रावण मास अत्यंत पवित्र होता है। यह देवाधिदेव महादेव, जो आदियोगी हैं, उनकी उपासना का समय है। गंगा स्वयं शिव का प्रवाहमान स्वरूप है और गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक कर श्रद्धालु उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं। यह पर्व आत्मशुद्धि, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का अवसर है, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ लोग इस दौरान नशा करते हैं और उपद्रव फैलाते हैं, जिससे इस पवित्र परंपरा की गरिमा को ठेस पहुंचती है। भांग, गांजा या किसी भी प्रकार का नशा शिवभक्ति नहीं है, बल्कि भगवान शिव का अनादर है। इसी तरह भगवान कृष्ण के नाम पर दुराचार या भगवान राम के नाम पर छल-कपट करना भी धर्म की मूल भावना के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि भगवान राम सत्य, मर्यादा और धर्म के प्रतीक हैं। यदि समाज उनके आदर्शों को अपनाएगा, तभी रामत्व और रामराज्य की स्थापना संभव होगी। इसी प्रकार भगवान कृष्ण के कृष्णत्व और भगवान शिव के शिवत्व को जीवन में धारण करने से ही सनातन संस्कृति की वास्तविक प्रतिष्ठा होगी। किसी भी प्रकार का नशा या उपद्रव केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म की छवि को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपनी यात्रा को भक्ति, सेवा और अनुशासन का माध्यम बनाएं तथा ऐसा कोई कार्य न करें जिससे धार्मिक आस्था पर प्रश्नचिह्न लगे।
कांवड़ियों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे भगवान शिव की अधिक से अधिक भक्ति करें और यदि कोई व्यक्ति नशे की आदत से ग्रस्त है तो कांवड़ यात्रा के दौरान ही संकल्प ले कि वह जीवनभर नशामुक्त रहेगा। महादेव के देवत्व और आदियोगी के योग को अपने जीवन में अपनाकर सात्विक और संयमित जीवन जीना ही सच्ची शिवभक्ति है।
स्वामी रामदेव ने बताया कि पतंजलि की ओर से कांवड़ियों के लिए देशी गाय के घी से बनी जलेबी, लड्डू और बूंदी के प्रसाद का निशुल्क भंडारा लगाया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने, भगवान शिव की आराधना करने और पूरी श्रद्धा के साथ यात्रा संपन्न करने की अपील की।
स्वामी रामदेव ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों, कांवड़ यात्रा और शिवभक्ति को जितना सम्मान वर्तमान समय में मिला है, उतना पहले कभी नहीं मिला। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी कांवड़िये स्वच्छता, अनुशासन और सनातन संस्कृति के शाश्वत मूल्यों का पूरी पवित्रता के साथ पालन करेंगे और कांवड़ यात्रा की गरिमा को बनाए रखेंगे।