Maharashtra Politics : दुनिया के किसी भी देश में निर्दोषों को परेशान करना स्वीकार्य नहीं: अजित पवार

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार पर अजित पवार की कड़ी प्रतिक्रिया
दुनिया के किसी भी देश में निर्दोषों को परेशान करना स्वीकार्य नहीं: अजित पवार

मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर गहरी चिंता जताई है। आईएएनएस से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी देश में लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार बिल्कुल गलत है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

अजित पवार ने कहा कि किसी भी देश में रहने वाले हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। चाहे कोई किसी भी राज्य या देश का हो, उसे राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति देश के खिलाफ काम करता है, तो उसे गद्दार कहा जाएगा और उसे सजा मिलनी ही चाहिए। लेकिन जो लोग गद्दार नहीं हैं और अपना सामान्य जीवन जी रहे हैं, उन्हें परेशान करने का कोई कारण नहीं है।

उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री हों या भारत के प्रधानमंत्री, दोनों ही इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से देख रहे होंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि इस समस्या का समाधान जल्द निकलेगा।

अजित पवार ने दो टूक कहा, "मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि ये अत्याचार हर हाल में रुकने चाहिए।"

इसके साथ ही अजित पवार ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जो लोग देश के खिलाफ काम करते हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "जो लोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं, उनके लिए मौत की सजा होनी चाहिए। अगर कानून में ऐसा प्रावधान नहीं है, तो ऐसा कानून बनाया जाना चाहिए। ऐसे लोग देश के लिए बेहद खतरनाक हैं और उन्हें इस देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है।"

उन्होंने आगे कहा कि जो लोग इसी देश में रहकर बम बनाते हैं और निर्दोष लोगों को मारने की कोशिश करते हैं, उनसे सवाल पूछा जाना चाहिए कि उन्हें ऐसा करने का अधिकार किसने दिया। अजित पवार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस तरह की गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

--आईएएनएस

 

 

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