लखनऊ, 9 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार विकास और रोजगार जैसे मूल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक और सामाजिक विवादों को हवा दे रही है। उन्होंने हल्द्वानी में ‘शुद्धिकरण’ को लेकर हुए विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार दबाव में है और अब घबरा रही है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि हल्द्वानी में जिस तरह कांग्रेस सांसदों ने दबाव बनाया और पूरे राज्य में यह संदेश गया कि भाजपा सरकार दलित विरोधी है तथा दलितों का अपमान कर रही है, उससे सरकार बैकफुट पर है। उन्होंने मांग की कि मामले में शामिल आरोपियों के नाम सार्वजनिक किए जाएं और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार ऐसे हालात पैदा करने की कोशिश कर रही है, जिससे हिंदू-मुस्लिम विवाद बढ़े और समाज में आपसी भाईचारा प्रभावित हो। उन्होंने सहारनपुर और मुजफ्फरनगर का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी ऐसे प्रयोग किए जा चुके हैं। अजय राय ने वाराणसी में मस्जिदों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद को नोटिस दिए जाने और संभल के घटनाक्रम का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश में विकास के मोर्चे पर सफल नहीं रही है। जनता से किए गए वादों को पूरा करने के बजाय लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अलग-अलग मुद्दे उठाए जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अब जनता इन प्रयासों को समझने लगी है और इससे भाजपा को राजनीतिक फायदा नहीं मिलने वाला।
वंदे मातरम को लेकर पूछे गए सवाल पर अजय राय ने कहा कि देश में हर व्यक्ति को रहने और अपनी बात कहने की आजादी है और इस पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वंदे मातरम का सम्मान करती है और पार्टी के छोटे-बड़े सभी कार्यक्रमों में इसका गायन किया जाता है। उन्होंने भाजपा पर इस मुद्दे को लेकर देश में गलतफहमी फैलाने का आरोप लगाया।
अजय राय ने बेरोजगारी और महंगाई को भी सरकार की बड़ी विफलता बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है, जिससे वे परेशान हैं। साथ ही, लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक विवादों के बजाय रोजगार, महंगाई और विकास जैसे वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
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