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'ऐसे हथकंडे और धोखेबाजी कोई नई बात नहीं', जैश प्रमुख मसूद अजहर पर पाकिस्तान के फैसले पर भारत की प्रतिक्रिया

अजहर पर इनाम घोषणा पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
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नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान के उस कदम की कड़ी आलोचना की, जिसमें उसने ग्लोबल आतंकवादी और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के चीफ मसूद अजहर की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए इनाम की रकम बढ़ाई है। भारत ने इस 'झूठी घोषणा' को सिर्फ एक 'चाल' बताया और कहा कि ऐसे 'खोखले' बयान पहले भी दिए जा चुके हैं।

मंगलवार को नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान से कहा कि वह ऐसे 'झूठे ऐलान' करने के बजाय आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे। मैं बस इतना ही कहूंगा कि पाकिस्तान की ऐसी चालें और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कोई नई बात नहीं हैं। हमने पहले भी ऐसी चालें देखी हैं। हम सब जानते हैं कि इसमें कोई दम नहीं है। उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए, न कि ऐसे झूठे ऐलान करने चाहिए, जिनका कोई मतलब नहीं है।"

पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपए का नया इनाम घोषित किया है। एजेंसी का दावा है कि आतंकवादी अफगानिस्तान में छिपा हुआ है, जबकि इंटेलिजेंस एजेंसियों और दुनियाभर के जानकारों का मानना ​​है कि यह फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की नजर से बचने की एक कोशिश है।

भारत में कई आतंकी हमलों, खासकर पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर के पाकिस्तान में छिपे होने की बात कही जाती रही है, लेकिन इस्लामाबाद ने हमेशा इससे इनकार किया है। अजहर के अलावा, एफआईए की नई 'रेड बुक' में 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों से जुड़े 19 अन्य आतंकवादियों के नाम भी शामिल हैं।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया, जब पाकिस्तान पर टेरर फंडिंग और आतंकी समूहों के खिलाफ उसकी कार्रवाई को लेकर नजर रखी जा रही है। हालांकि, सुरक्षा अधिकारियों और पाकिस्तान पर नजर रखने वालों का मानना ​​है कि इनाम की राशि बढ़ाने का मकसद अजहर के खिलाफ कार्रवाई का दिखावा करना है, जबकि उसकी असल जगह को अंतरराष्ट्रीय जांच से दूर रखना है।

इनाम बढ़ाने की घोषणा करते हुए एफआईए ने कहा कि अजहर अफगानिस्तान में है, पाकिस्तान में नहीं। इस दावे को अफगान तालिबान कई बार खारिज कर चुका है।

भारतीय इंटेलिजेंस अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि अजहर पाकिस्तान में ही है।

जानकारों का कहना है कि इनाम की राशि बढ़ाना सिर्फ एफएटीएफ को गुमराह करने के लिए है। पाकिस्तान का यह दावा गलत है कि अजहर अफगानिस्तान में है, और आईएसआई उसे वहां रखने का जोखिम नहीं उठाएगी, खासकर ऐसे समय में जब दोनों देशों के रिश्ते खराब हो गए हैं।

हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब एफआईए ने अजहर पर इनाम घोषित किया है। 2021 में, एफआईए ने 50 लाख पाकिस्तानी रुपए के इनाम का ऐलान किया था। उस समय भी पाकिस्तान ने दावा किया था कि वह उसकी जमीन पर नहीं है। 2021 में इनाम की घोषणा के बाद भी जैश और अजहर के मामले में ज्यादा कुछ नहीं बदला।

अजहर की देखरेख में जेईएम ने जम्मू-कश्मीर में नए तरीके अपनाए हैं, जैसे कि हाइब्रिड वॉरफेयर की तरफ बढ़ना और प्रॉक्सी फ्रंट बनाना।

एफएटीएफ की नजर से बचने के लिए, जैश ने 'पीपल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट' (पीएएफएफ) जैसे प्रॉक्सी आतंकी संगठनों के जरिए काम किया। इस संगठन ने पुंछ और राजौरी के घने जंगलों में भारतीय सुरक्षा बलों पर हुए जानलेवा हमलों की जिम्मेदारी ली है।

अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान का अभी मुख्य मकसद अजहर को सुरक्षित रखना और उसे एफएटीएफ की नजर से दूर रखना है।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम