अहमदाबाद, 27 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को अहमदाबाद में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार भारत को बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करके एक ग्लोबल स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बैठक 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी और 2029 वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स व 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों के संबंध में थी।
बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में शाह ने कहा, "मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करके भारत को खेलों के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"
उन्होंने आगे कहा, "आज अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक के लिए भारत की दावेदारी, साथ ही 2029 पुलिस और फायर गेम्स और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारियों पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।"
बैठक में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के साथ-साथ अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।
यह समीक्षा ऐसे समय में हो रही है जब अहमदाबाद कई बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है; शहर को पहले ही 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स का मेजबान घोषित किया जा चुका है।
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने नवंबर 2025 में ग्लासगो में अपनी आम सभा में अहमदाबाद (जिसे संगठन 'अमदावाद' कहता है) को शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स के मेजबान के रूप में औपचारिक रूप से मंजूरी दी।
2030 का संस्करण 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में आयोजित पहले कॉमनवेल्थ गेम्स के 100 साल पूरे होने का प्रतीक होगा। 2030 के गेम्स अहमदाबाद में 2029 वर्ल्ड पुलिस और फायर गेम्स के बाद आयोजित होंगे।
पिछले साल जून में भारत को उस आयोजन के लिए मेजबान देश के रूप में चुना गया था और अहमदाबाद को आयोजन स्थल के तौर पर तय किया गया था।
तब शाह ने इस चयन को देश के बढ़ते खेल बुनियादी ढांचे और खेलों के केंद्र के रूप में अहमदाबाद की बढ़ती प्रतिष्ठा की मान्यता बताया था।
सरकार ने इन आयोजनों की तैयारियों को भारत के दीर्घकालिक ओलंपिक लक्ष्यों से भी जोड़ा है।
2036 ओलंपिक के लिए अहमदाबाद को भारत के प्रस्तावित मेजबान शहर के तौर पर पेश किया गया है, और तैयारियां अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने वाले खेल बुनियादी ढांचे और सुविधाओं पर केंद्रित हैं।
शाह ने पहले कहा था कि शहर 2036 तक कई अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी कर सकता है और ऐसे आयोजनों के लिए विकसित की गई सुविधाएं बाद में एथलीटों की मदद कर सकती हैं और प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे के रूप में काम आ सकती हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों के सिलसिले में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट और भारतीय अधिकारियों के बीच पहले ही बातचीत हो चुकी है।
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के एक प्रतिनिधिमंडल ने अप्रैल में अहमदाबाद और नई दिल्ली का दौरा किया था। उन्होंने नरेंद्र मोदी स्टेडियम, महात्मा मंदिर और वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सहित विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया और 2030 गेम्स के आयोजन को लेकर गुजरात और केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ चर्चा की। यह ताज़ा समीक्षा ग्लासगो में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन के बाद हुई है, जहां भारत ने स्कॉटलैंड के साथ संयुक्त रूप से चौथा स्थान हासिल किया और 13 गोल्ड मेडल समेत कुल 29 मेडल जीते।
ग्लासगो ने अब 2030 में होने वाले शताब्दी संस्करण (100वें साल के आयोजन) के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स की जिम्मेदारी अहमदाबाद को सौंप दी है। सरकार अहमदाबाद में प्रस्तावित बड़े आयोजनों को ध्यान में रखते हुए खेल सुविधाओं का विकास कर रही है।
--आईएएनएस
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