नागपुर, 16 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान की नासिक सेंट्रल जेल में कुख्यात गैंगस्टर अबू सलेम से मुलाकात पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने जांच की मांग की है। इस संबंध में विश्व हिंदू परिषद ने नागपुर जिला अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया है।
विहिप ने संवैधानिक पद पर कार्यरत व्यक्ति की आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति से मुलाकात को गंभीर मामला मामला बताया है। साथ ही, प्यारे खान को पद से हटाने के साथ ही मामले की एनआईए और सीबीआई के माध्यम से जांच कराने की मांग की है।
एक पत्र में विहिप ने लिखा, "गत दिनों समाचार पत्रों के माध्यम से हमें ज्ञात हुआ है कि महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान, संवैधानिक दायित्व पर कार्यरत होने के बावजूद अपने शासकीय नासिक दौरे के दौरान नासिक जेल में जाकर 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी व कुख्यात गैंगस्टर अबू सालेम से भेंट करते हैं और उसे मदद का आश्वासन देते हैं।"
पत्र में लिखा गया है, "एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति की ओर से देश विरोधी गतिविधियों व बम धमाकों के गुनहगार से इस प्रकार मुलाकात करना अत्यंत अशोभनीय है। यह महाराष्ट्र शासन की छवि को धूमिल करने के साथ-साथ अपने पद व अधिकारों के खुले दुरुपयोग का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इस संवेदनशील और गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए विश्व हिंदू परिषद की नागपुर महानगर इकाई केंद्र सरकार व महाराष्ट्र सरकार से जांच की मांग करती है।"
विहिप ने नागपुर जिला अधिकारियों को सौंपे अपने ज्ञापन में कहा, "प्यारे खान को उनके पद से तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया जाए और उनके स्थान पर अल्पसंख्यक समाज के किसी अन्य योग्य व्यक्ति को यह दायित्व सौंपा जाए। इस मुलाकात के वास्तविक कारणों, राष्ट्रहित से जुड़े पहलुओं और संभावित संलिप्तता की निष्पक्ष जांच के लिए पूरे प्रकरण की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।"
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