अमरावती, 6 जून (आईएएनएस)। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आधिकारिक रूप से आंध्र प्रदेश में प्रवेश कर लिया है। अमरावती मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक करुणा सागर ने जानकारी दी है कि मानसून की शुरुआत अनंतपुर, तिरुपति और चित्तूर क्षेत्र से हुई है और अगले दो से तीन दिनों में इसके राज्य के अन्य हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह किसानों के लिए बेहद अच्छी खबर है क्योंकि मानसून के सक्रिय होने से खेती-किसानी को बड़ा लाभ मिलेगा। आने वाले सात दिनों के दौरान रायलसीमा क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। फिलहाल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है, लेकिन सातवें दिन यानी 13-14 जून के आसपास तटीय आंध्र प्रदेश में भी वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
मौसम वैज्ञानिक करुणा सागर ने आईएएनएस से बताया कि अगले पांच दिनों तक रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। विशेष रूप से अनंतपुर और उन क्षेत्रों में जहां मानसून सक्रिय हो रहा है, वहां तेज हवाओं का असर अधिक देखने को मिल सकता है। उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और मध्य तटीय क्षेत्रों में भी आंधी और गरज-चमक के दौरान तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
मानसून की दस्तक के बावजूद अगले पांच दिनों तक तापमान में कोई बड़ी गिरावट होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले दो दिनों से हीटवेव की स्थिति बनी हुई है और अगले तीन दिनों तक इसका असर जारी रह सकता है। नेल्लोर, प्रकाशम, पलनाडु, बापटला, गुंटूर, कृष्णा, पश्चिम गोदावरी, कोनसीमा, काकीनाडा और एनटीआर जिले समेत कई तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा।
एलुरु, पूर्वी गोदावरी, अल्लूरी सीताराम राजू और अनकापल्ली जिलों में भी लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। बाहर निकलते समय टोपी, चश्मा और शरीर को ढकने वाले कपड़ों का उपयोग करने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी और छाछ पीने की सलाह दी गई है।
विभाग ने तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े न होने की चेतावनी भी दी है। तेज हवा के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पौधों के उखड़ने और बिजली व टेलीफोन के खंभों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। सामान्य तापमान की तुलना में 4.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की बढ़ोतरी भी देखी गई है। पश्चिम गोदावरी, कोनसीमा, नरसापुरम, थूनी, काकीनाडा, नेल्लोर, कावली, प्रकाशम और बापटला जैसे जिले हीटवेव से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।
--आईएएनएस
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