आंध्र प्रदेश: एसआईपीबी ने 50 कंपनियों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी, 29,677 रोजगार पैदा होने की उम्मीद

आंध्र प्रदेश: एसआईपीबी ने 50 कंपनियों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी, 29,677 रोजगार पैदा होने की उम्मीद

अमरावती, 18 जून (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एसआईपीबी) ने गुरुवार को 50 कंपनियों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें कुल 30,515 करोड़ रुपए के निवेश शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राज्य भर में 29,677 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

एसआईपीबी की 18वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि विकास का लाभ गरीब और मध्यम श्रेणी के परिवारों तक पहुंचे।

उन्होंने राज्य में ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम बनाने पर जोर दिया, जिससे केवल अमीर उद्यमी ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी उद्योग और व्यवसाय में भागीदारी कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश में तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है और इसका लाभ सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्टार्टअप्स को मजबूत समर्थन देने और सरकार की इनोवेशन योजनाओं का उपयोग करके नए व्यवसायों के लिए वेंचर कैपिटल निवेश आकर्षित करने की बात कही।

नायडू ने शिक्षा विभाग को भी निर्देश दिया कि आने वाले उद्योगों की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं। उन्होंने रोबोटिक्स जैसे उन्नत तकनीकी कोर्स शुरू करने और शैक्षणिक संस्थानों को भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के लिए छात्रों को तैयार करने पर जोर दिया।

उन्होंने चेतावनी दी कि गैर गंभीर निवेशकों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अधिकारियों को मंजूर परियोजनाओं की सख्त निगरानी करने के निर्देश दिए ताकि वे समय पर पूरी हों।

मुख्यमंत्री ने इथेनॉल उत्पादन के विस्तार के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 40 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण लक्ष्य को मंजूरी दी है। इथेनॉल उद्योगों को बढ़ावा देने से किसानों को लाभ होगा और देश की आयातित ईंधन पर निर्भरता कम होगी।

उन्होंने बायोफ्यूल, सेमीकंडक्टर निर्माण, लिथियम-आयन बैटरी उत्पादन, फास्ट-चार्जिंग ईवी बैटरी तकनीक, डाटा सेंटर, सौर, पवन, पंप्ड स्टोरेज और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम जैसे नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स पर भी जोर दिया।

नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश को भविष्य की बिजली मांग के लिए तैयार रहना चाहिए और ऐसी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करनी चाहिए जो औद्योगिक विस्तार का समर्थन कर सके। उन्होंने कहा कि सिंचाई उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने से किसानों की लागत कम होगी और बागवानी व पुष्पकृषि क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।

नायडू ने औद्योगिक परियोजनाओं और भूमि आवंटन के लिए ऑटोमेटेड अप्रूवल सिस्टम की वकालत की ताकि राजनीतिक हस्तक्षेप कम हो। नियमों का पालन करने वाली परियोजनाओं को पारदर्शी और स्वचालित प्रक्रिया के माध्यम से मंजूरी दी जानी चाहिए।

उन्होंने अमरावती में प्रस्तावित क्वांटम वैली के आसपास एक इकोसिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया, जिसमें टेक्नोलॉजी पार्क, क्वांटम एप्लिकेशन विकास और क्वांटम कंप्यूटिंग उपकरण निर्माण शामिल हो।

मुख्यमंत्री ने आंध्र प्रदेश के बढ़ते ऑटोमोबाइल सेक्टर का उल्लेख किया, जिसमें रॉयल एनफील्ड, इसुज़ु मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प और किया कॉरपोरेशन जैसी कंपनियों की गतिविधियां शामिल हैं।

उन्होंने पुट्टपर्थी में 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट निर्माण और परीक्षण सुविधा को तेजी से स्थापित करने पर जोर दिया और बेंगलुरु–पुट्टपर्थी क्षेत्र को एक प्रमुख रक्षा और एयरोस्पेस कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की कल्पना की। नायडू ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होटल और रिसॉर्ट परियोजनाओं को तेज करने के निर्देश दिए।

राज्य मंत्री नारा लोकेश ने कहा कि सरकारी प्रोत्साहन और रियायतें केवल तभी दी जानी चाहिए, जब परियोजनाएं शुरू होकर काम करने लगें। उन्होंने कहा कि उद्योग शुरू होने के बाद राज्य को जीएसटी और अन्य करों से राजस्व मिलता है, इसलिए यह तरीका अधिक प्रभावी है।

लोकेश ने यह भी कहा कि आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेजों को स्थानीय उद्योगों से जोड़ा जा रहा है ताकि कौशल विकास बेहतर हो सके। उन्होंने आंध्र विश्वविद्यालय में रेयर अर्थ मिनरल्स अनुसंधान के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना की घोषणा की और रूस के सफल क्वांटम टेक्नोलॉजी मॉडल को आंध्र प्रदेश के लिए उदाहरण बताया। बैठक में कई मंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और मुख्य सचिव साई प्रसाद शामिल थे।

--आईएएनएस

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