आगरा, 25 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा भाजपा पर आरक्षण समाप्त करने के लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हमेशा सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के सशक्तीकरण के पक्ष में रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा न केवल आरक्षण व्यवस्था का समर्थन करती है, बल्कि महिलाओं को अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है।
बघेल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "भाजपा ने कभी भी आरक्षण समाप्त करने की बात नहीं की है। जब पार्टी जनता से दो-तिहाई बहुमत मांगती है तो उसका उद्देश्य आरक्षण खत्म करना नहीं, बल्कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना है। लोकसभा और विधानसभा में महिला आरक्षण को लागू करने की दिशा में भाजपा ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिलेगा।"
उन्होंने कहा, "भारत जैसे देश में जहां लंबे समय तक घूंघट प्रथा, पर्दा प्रथा, सती प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियां मौजूद रही हैं और महिलाओं को बराबरी का दर्जा नहीं मिला, वहां महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना सामाजिक परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम है। भाजपा का लक्ष्य महिलाओं को शासन और नीति-निर्माण की मुख्यधारा में लाना है।"
केंद्रीय मंत्री ने यह भी दावा किया, "भाजपा के पास वर्तमान समय में अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अन्य आरक्षित वर्गों से आने वाले जनप्रतिनिधियों की संख्या सबसे अधिक है। भाजपा के कई सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, मुख्यमंत्री और राज्यपाल आरक्षित एवं पिछड़े वर्गों से आते हैं।" उनके अनुसार, यह इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सामाजिक समावेशन और प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विपक्ष पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा, "2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भी यह प्रचार किया गया था कि भाजपा बहुमत मिलने पर संविधान और आरक्षण व्यवस्था को बदल देगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। विपक्ष जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है।"
इस दौरान एस.पी. सिंह बघेल ने राम मंदिर की दानपेटी में कथित अनियमितताओं को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए बयान की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल चर्चा में बने रहने के लिए विवादित बयान देते हैं और समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करते हैं। बघेल ने साफ किया कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके संबंध में अनावश्यक विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।