आनंद दुबे ने सीएम रेवंत रेड्डी को नसीहत दी, बोले- भारत एक खूबसूरत गुलदस्ता, राज्यों के आधार पर बांटने की कोशिश न हो

आनंद दुबे ने सीएम रेवंत रेड्डी को नसीहत दी, बोले- भारत एक खूबसूरत गुलदस्ता, राज्यों के आधार पर बांटने की कोशिश न हो

नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के हालिया बयानों, परिसीमन (डिलिमिटेशन) के मुद्दे और इंडिया अलाइंस की स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश को राज्यों के आधार पर बांटने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कांग्रेस को विपक्षी गठबंधन में समन्वय बढ़ाने के लिए पहल करने की सलाह दी।

रेवंत रेड्डी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंद दुबे ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा एक मजबूत और सुंदर देश है। उन्होंने कहा कि देश को राज्यों या क्षेत्रों के आधार पर विभाजित करने की सोच उचित नहीं है। भारत एक खूबसूरत गुलदस्ते की तरह है, जिसमें अलग-अलग रंगों और खुशबुओं वाले फूल शामिल हैं। सभी की अपनी पहचान है, लेकिन वे मिलकर एकता और अखंडता का प्रतीक बनते हैं।

परिसीमन बिल के मुद्दे पर शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि केंद्र सरकार के पास लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में पर्याप्त संख्या बल है, इसलिए वह किसी भी विधेयक को पारित कराने की क्षमता रखती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा। विपक्ष सरकार से विस्तृत चर्चा और पारदर्शिता की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को परिसीमन का पूरा मसौदा देश के सामने रखना चाहिए ताकि सभी दल उसकी समीक्षा कर सकें। यदि प्रस्ताव देशहित में और सकारात्मक होगा तो विपक्ष भी उसका समर्थन करने पर विचार कर सकता है।

इंडिया अलाइंस की बैठक और उसमें विभिन्न दलों की भूमिका को लेकर आनंद दुबे ने कहा कि कांग्रेस गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए उसे सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), आम आदमी पार्टी और अन्य दलों की नाराज़गी को दूर करने के लिए कांग्रेस को पहल करनी चाहिए तथा संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।

डीएमके द्वारा इंडिया अलाइंस की बैठक से दूरी बनाए जाने और झारखंड मुक्ति मोर्चा की भागीदारी को लेकर उठ रहे सवालों पर दुबे ने कहा कि किसी भी परिवार में मतभेद होना स्वाभाविक है। उन्होंने गठबंधन को एक परिवार बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विभिन्न विचारों और असहमतियों के लिए स्थान होना चाहिए।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी