नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत यूपीआई चार्ज लगने और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा अमेरिकी दबाव पर सरकार करने के आरोप पर भाजपा नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी है। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और सांसद अनुराग ठाकुर समेत अन्य नेताओं ने राहुल गांधी पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए 2,000 रुपये से अधिक ट्रांजैक्शन यूपीआई चार्ज लगाने का समर्थन किया।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "मुझे लगता है कि 2,000 तक के ट्रांजैक्शन पर सरकार का फैसला सही है। 2,000 तक के ट्रांजैक्शन के लिए छोटे वेंडर और कारोबारियों को कोई दिक्कत नहीं होती। हालांकि, अगर उनके बिजनेस ट्रांजैक्शन 2,000 से अधिक होते हैं, तो 0.4 फीसदी की मामूली फीस देना कोई बड़ा बोझ नहीं है। उदाहरण के लिए, 75,000 तक के ट्रांजैक्शन पर उन्हें सिर्फ 300 के आस-पास देने होते हैं। विकास कार्यों के लिए सरकार को भी रेवेन्यू की जरूरत होती है। राहुल गांधी का यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है कि यह कदम अमेरिकी दबाव में उठाया गया था। राहुल गांधी झूठ फैलाने में माहिर हैं और अक्सर अलग-अलग मुद्दों पर गुमराह करने वाले दावे करते रहते हैं। इस फैसले से अमेरिका का कोई लेना-देना नहीं है।"
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, "भारत के डिजिटल ट्रांजैक्शन की मिसाल अब पूरी दुनिया में दी जाती है। बड़े-बड़े देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भारत आते हैं और देखते हैं कि कैसे सड़क किनारे सामान बेचने वाले, चाय बेचने वाले, छोटे दुकानदार और आम लोग भी डिजिटल ट्रांजैक्शन के जरिए आसानी से पेमेंट कर सकते हैं। मुझे लगता है कि कांग्रेस का काम सिर्फ लोगों को गुमराह करना और आलोचना करना है। मेरा मानना है कि इस रिपोर्ट का और ज़्यादा बारीकी से अध्ययन और गंभीरता से परीक्षण करने की जरूरत है। अगर 2,000 तक के ट्रांजैक्शन पर कुछ भी नहीं देना है, और उससे ज़्यादा रकम वाले 96 फीसदी ट्रांजैक्शन पर भी कोई चार्ज नहीं है।"
भाजपा के पंजाब राज्य प्रभारी सतीश पूनिया ने कहा, "पिछले 10-12 सालों में जो बड़े बदलाव हुए हैं, उनमें से एक सबसे बड़ा बदलाव यूपीआई है। ऐसा सिर्फ मैं नहीं कह रहा; दुनिया भर के देशों के लोगों ने इसे माना है। फ्रांस के राष्ट्रपति ने भी इसे माना है। हाल ही में, मैंने एक प्रमुख अफ्रीकी नेता को इस बारे में बात करते हुए देखा। विपक्ष को तो बस एक मुद्दा चाहिए, लेकिन हमें इसकी व्यावहारिकता और इससे मिलने वाली सुविधा पर ध्यान देना चाहिए। लोग पहले टोल का भी इसी तरह विरोध करते थे, लेकिन आज हमारे पास साफ़-सुथरी और अच्छी सड़कें हैं। लोगों का डीजल पर कम खर्च होता है और सड़क पर कम समय लगता है, इसलिए हमें असल में किए जा रहे निवेश पर ध्यान देना चाहिए।"
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा, "चर्चा करना एक बात है, लेकिन कन्फ्यूज़न पैदा करना दूसरी बात। राहुल गांधी पिछले दो दिनों से अपना एजेंडा आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर 0.5 फीसदी लिखा, लेकिन इसका कोई आधार नहीं था। वह कोई ठोस या जरूरी बात नहीं करते और बेबुनियाद बयान देने में माहिर हो गए हैं। देश में यूपीआई से होने वाले कुल ट्रांजैक्शन में से 96 फीसदी ट्रांजैक्शन 2,000 से कम के होते हैं, इसलिए उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।"
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "आम ग्राहकों को ज़्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। आम तौर पर हम कह सकते हैं कि यह बहुत मामूली बढ़ोतरी है और इसका खर्च भी मर्चेंट को ही उठाना होगा। जहां तक यूपीआई को डिजिटल ट्रांजैक्शन का भरोसेमंद जरिया मानने की बात है, तो जब भारत ने डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए अपने लक्ष्य तय किए थे।"
भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा, "कांग्रेस को अपने गिरिबान में झांककर देखना चाहिए कि उसने अपने कार्यकाल में क्या किया। कांग्रेस समाज में डर का माहौल बनाना चाहती है। यूपीआई चार्ज का गरीबों पर कोई बोझ नहीं है। हालांकि, जब आप किसी सुविधा का इस्तेमाल करते हैं और बड़े पैमाने पर ट्रांजैक्शन करते हैं, तो संस्थानों को भी कुछ लाभ मिलना चाहिए। सुरक्षा और साइबर क्राइम से जुड़े मुद्दे भी हैं। ग्राहकों की सुरक्षा अहम है और बड़े पैमाने पर ट्रांजैक्शन करने वाले लोगों को धोखाधड़ी और साइबर हैकर्स से सुरक्षा की जरूरत होती है। सरकार का यह कदम अहम और सकारात्मक है।"
कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता चलावादी नारायणस्वामी ने कहा, "अभी, जब हम यूपीआई के जरिए 2,000 तक खर्च करते हैं, तो हम एक बैंक अकाउंट से दूसरे में पैसे ट्रांसफर करते हैं और उस पर कोई टैक्स नहीं लगता। अगर उससे ज़्यादा कुछ होता है, तो यह बिजनेस से जुड़ा मामला होगा। बिज़नेस हाउस इसका इस्तेमाल करते हैं, और उन्हें थोड़ा टैक्स देना होगा। इससे क्या फर्क पड़ता है?"
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा, "केंद्र सरकार कोई भी निर्णय राष्ट्र के हित में लेती है। अगर यूपीआई पर कुछ टैक्स लगाने का फैसला सरकार ने लिया है तो राहुल गांधी को इसे सकारात्मक रूप से स्वीकार करना चाहिए। देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए इस तरह के कदम उठाने पड़ेंगे।
--आईएएनएस
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