कोलकाता, 17 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सफलता के लिए बधाई दी।
एसटीएफ ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के पटाशपुर क्षेत्र से वांछित माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश, उर्फ तिमिर, उर्फ मनोज को गिरफ्तार किया है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में एसटीएफ के अधिकारियों और जवानों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सफलतापूर्वक असीम मंडल को गिरफ्तार किया। मंडल सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य और पश्चिम बंगाल राज्य समिति-I का सचिव बताया जाता है।
मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि यह माओवादी नेता पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के जंगल क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों से बचता रहा था।
उन्होंने कहा, "मैं कोलकाता पुलिस एसटीएफ के अधिकारियों और जवानों की प्रशंसा करता हूं, जिन्होंने सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य और पश्चिम बंगाल राज्य समिति-I के सचिव असीम मंडल उर्फ आकाश को पूर्वी मेदिनीपुर के ललाट, पटाशपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया।"
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में 'लाल आतंक' के नेटवर्क को फिर से खड़ा करने या उसका विस्तार करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, "किसी भी उग्रवादी विचारधारा को राज्य के लोगों की सुरक्षा और विकास के लिए खतरा बनने नहीं दिया जाएगा। ऐसे किसी भी प्रयास के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद असीम मंडल के पास से दो बैग बरामद किए गए हैं। इनमें माओवादी साहित्य, किताबें, पुस्तिकाएं और इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरण मिले हैं।
जांच अधिकारियों ने बताया कि असीम मंडल की पत्नी पटाशपुर क्षेत्र की रहने वाली है और कथित तौर पर सीपीआई (माओवादी) की कार्यकर्ता है। उसे कोलकाता पुलिस एसटीएफ ने वर्ष 2010 में गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के आदिवासी एवं जंगल इलाकों में सक्रिय वामपंथी उग्रवादी नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में एक बड़ी सफलता है।
असीम मंडल की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना के लिए पहले 2.20 करोड़ रुपए के इनाम की घोषणा भी की गई थी।
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोणा थाना क्षेत्र के फुलचक गांव के रहने वाले असीम मंडल के बारे में बताया जाता है कि वह 1980 के दशक में छात्र जीवन के दौरान वामपंथी उग्रवादी गतिविधियों से जुड़ गया था। बाद में वह पीपुल्स वॉर ग्रुप में शामिल हो गया और पश्चिम बंगाल के सारेंगा और गोयालतोर क्षेत्रों के साथ-साथ झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के गुराबांदा क्षेत्र में सक्रिय रहा।
सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में करीब 55 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से कई मामले सुरक्षा बलों पर हमलों और मुठभेड़ों से जुड़े हैं।
असीम मंडल ने पश्चिम बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र में हुए लालगढ़ आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वर्ष 2010 में उसे पार्टी की पश्चिम बंगाल राज्य समिति का सचिव बनाया गया था। साथ ही वह बंगाल-झारखंड-ओडिशा क्षेत्रीय समिति में भी अहम जिम्मेदारियां संभालता था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2011 में वरिष्ठ माओवादी नेता किशनजी के मारे जाने के बाद असीम मंडल ज्यादातर समय भूमिगत रहकर काम कर रहा था।
--आईएएनएस
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