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स्टालिन के अचानक बीमार पड़ने के बाद डीएमके ने 'मुप्पेरुम विझा' कार्यक्रम किया स्थगित

DMK ने स्टालिन के अस्वस्थ होने के कारण 'मुप्पेरम विझा' कार्यक्रम स्थगित किया
स्टालिन

चेन्नई, 15 सितंबर (आईएएनएस)। डीएमके ने पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन के अचानक बीमार पड़ने के कारण अपना सालाना 'मुप्पेरम विझा' कार्यक्रम टाल दिया है। यह कार्यक्रम मंगलवार शाम को यहां अन्ना अरिवलयम के कलैगनार अरंगम में आयोजित होने वाला था।

डीएमके के जनरल सेक्रेटरी दुरईमुरुगन ने कार्यक्रम को टालने की घोषणा की और कहा कि कार्यक्रम की नई तारीख बाद में बताई जाएगी।

मंगलवार शाम को होने वाले जश्न से जुड़े सभी कार्यक्रम भी टाल दिए गए हैं। इससे पहले दिन में चेन्नई में डीएमके के संस्थापक और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरई की जयंती के जश्न में स्टालिन के शामिल न होने से पार्टी के पदाधिकारियों में चिंता पैदा हो गई थी।

हालांकि, पार्टी ने तुरंत यह नहीं बताया कि उन्हें क्या बीमारी है या क्या उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है।

'मुप्पेरुम विझा' या 'ट्रिपल सेलिब्रेशन' (तीन कार्यक्रमों का जश्न) डीएमके के राजनीतिक कैलेंडर के सबसे अहम सालाना कार्यक्रमों में से एक है। यह सामाजिक सुधारक ई.वी. रामासामी (थंथई पेरियार) और अन्नादुरई (पेरारिग्नार अन्ना) की जयंती और साथ ही डीएमके की स्थापना की याद में मनाया जाता है।

अन्नादुरई का जन्म 15 सितंबर, 1909 को कांचीपुरम में हुआ था। वे एक बेहतरीन वक्ता, लेखक और सामाजिक न्याय व राज्य की स्वायत्तता के समर्थक थे। उन्होंने पेरियार की द्रविड़ कड़गम से अलग होकर 1949 में डीएमके की स्थापना की। वे 1967 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने और मद्रास राज्य का नाम बदलकर तमिलनाडु करने में उनकी अहम भूमिका थी। फरवरी 1969 में उनका निधन हो गया।

पेरियार का जन्म 17 सितंबर, 1879 को इरोड में हुआ था। उन्होंने आत्म-सम्मान आंदोलन का नेतृत्व किया और जाति-भेदभाव, सामाजिक असमानता, अंधविश्वास और महिलाओं को अधिकार न मिलने के खिलाफ अभियान चलाया। उनके तर्कवादी और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों ने द्रविड़ आंदोलन के लिए वैचारिक आधार तैयार किया और अन्नादुरई व डीएमके दोनों को गहराई से प्रभावित किया।

डीएमके की स्थापना 17 सितंबर, 1949 को हुई थी। यह पार्टी पारंपरिक रूप से इन तीनों मौकों को मिलाकर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करती है, जिसमें वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, मशहूर हस्तियों और द्रविड़ आंदोलन में योगदान देने वालों को सम्मानित किया जाता है।

इस साल के कार्यक्रम में पेरियार, अन्ना, कलैगनार, पावेंधर और एम.के. स्टालिन पुरस्कार दिए जाने थे। जश्न के लिए आए पार्टी कार्यकर्ताओं और पुरस्कार पाने वालों को कार्यक्रम टलने की जानकारी दी गई। उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व स्टालिन की सेहत और उपलब्धता का आकलन करने के बाद नया कार्यक्रम घोषित करेगा।

--आईएएनएस

ओपी/एएस