कोलकाता, 14 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (एबी-पीएमजेएवाई) के लागू होने का एक महीना पूरा होने पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 16 अगस्त 2026 को राज्य में योजना की शुरुआत के बाद से हजारों जरूरतमंद परिवारों को गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला है।
सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि योजना के पहले महीने में 50 हजार से अधिक लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही लाभार्थियों के उपचार पर 28 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वहन की गई है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिली है।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रही। 1,102 से अधिक मरीजों ने राज्य के बाहर स्थित अस्पतालों में भी कैशलेस चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठाया। वहीं, पश्चिम बंगाल के अस्पतालों ने भी दूसरे राज्यों से आए 1,849 मरीजों का उपचार कर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है और सरकार सभी नागरिकों तक सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने, गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम करने तथा किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहने देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने इस उपलब्धि के लिए डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्यकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी दिन-रात की मेहनत के कारण बड़ी संख्या में लोगों को समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के शुरुआती आंकड़े यह दर्शाते हैं कि स्वास्थ्य क्षेत्र में यह पहल आम लोगों के लिए राहत का माध्यम बन रही है और आने वाले समय में इससे और अधिक परिवार लाभान्वित होंगे।
--आईएएनएस
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