प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना से 12 साल में 45,000 करोड़ की बचत

प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना से 12 साल में 45,000 करोड़ की बचत

नई दिल्ली, 24 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद में बताया कि देशभर में अब तक 20,149 जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। सरकार के मुताबिक, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना के जरिए लोगों ने अब तक करीब 45,000 करोड़ रुपये की बचत की है।

केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने लोकसभा में बताया कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना के तहत लोगों ने ब्रांडेड दवाओं की तुलना में करीब 45,000 करोड़ रुपये की बचत की है। इससे परिवारों का दवाओं पर अपनी जेब से होने वाला खर्च काफी कम हुआ है।

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना के तहत 2,110 तरह की दवाएं और 315 सर्जिकल सामान, चिकित्सा उपयोग की वस्तुएं और उपकरण उपलब्ध हैं। इनमें हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, संक्रमण, एलर्जी और पेट से जुड़ी बीमारियों की दवाओं के साथ-साथ पोषक पूरक (न्यूट्रास्यूटिकल्स) भी शामिल हैं।

फिलहाल, देश के 784 में से 776 जिलों में यह योजना लागू है। लैब रिएजेंट और वैक्सीन को छोड़कर, 'राष्ट्रीय आवश्यक दवाओं की सूची' में शामिल लगभग सभी जेनेरिक दवाएं इस प्रोडक्ट बास्केट में शामिल हैं।

योजना के तहत जन औषधि केंद्रों को आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली 200 दवाओं का स्टॉक रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसमें सबसे ज्यादा मांग वाली 100 दवाएं और बाजार में तेजी से बिकने वाली 100 दवाएं शामिल हैं। इन दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने पर जन औषधि केंद्र संचालकों को हर महीने प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

पीएमबीजेपी योजना को लागू करने वाली एजेंसी 'फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया' (पीएमबीआई), जन औषधि केंद्रों के बिक्री प्रदर्शन के आधार पर लगातार उनका मूल्यांकन करती है।

बयान के अनुसार, योजना की समीक्षा और इसके बेहतर संचालन से पता चलता है कि पीएमबीजेपी ने जन औषधि केंद्रों के बढ़ते नेटवर्क के जरिए देशभर में सस्ती और अच्छी गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सुधार किया है।

दवाओं की कमी न हो और देशभर में जरूरी दवाएं आसानी से उपलब्ध रहें, इसके लिए लगातार निगरानी की जाती है और जरूरी कदम उठाए जाते हैं।

फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई), जन औषधि केंद्रों (जेएके) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली दवाओं की पहुंच और बिक्री बढ़ाने के लिए केंद्रीय संचार ब्यूरो, पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), मायगॉव और माय भारत जैसे संस्थानों व मंचों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाता है।

--आईएएनएस

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