नीट-यूजी री-एग्जाम से पहले एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों को जारी की एडवाइजरी, छात्रों को छुट्टी नहीं देने को कहा

नीट-यूजी री-एग्जाम से पहले एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों को जारी की एडवाइजरी, छात्रों को छुट्टी नहीं देने को कहा

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। री-एग्जाम से पहले नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में सतर्कता बरतने और अगले दो दिनों तक छात्रों को छुट्टी नहीं देने के लिए कहा गया है।

नेशनल मेडिकल कमीशन ने सभी मेडिकल कॉलेजों से कहा गया है कि वे सतर्कता बरतें और अगले दो दिनों तक बहुत जरूरी मामलों के छात्रों को छुट्टी न दें। इसके अलावा, एनएमसी ने मेडिकल छात्रों को ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से मना किया है, जिनसे परीक्षा प्रक्रिया की 'पवित्रता और ईमानदारी' पर असर पड़ सकता है।

गुरुवार को जारी एक नोटिस में कहा गया, "पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें मेडिकल कॉलेजों के कुछ छात्र ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए गए, जिनसे परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता और ईमानदारी पर असर पड़ सकता है।"

इसमें आगे कहा गया, "इसे देखते हुए और आम तौर पर सावधानी बरतने के मकसद से, सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया जाता है कि वे सतर्क रहें और यह पक्का करें कि छात्रों को परीक्षा के संचालन के खिलाफ गतिविधियों में शामिल होने के नुकसान के बारे में जागरूक किया जाए।"

एनएमसी ने सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया कि वे 20 और 21 जून को खास हालात के अलावा छात्रों को छुट्टी न दें। इसमें कहा गया, "यह कदम किसी भी संभावित गलत इस्तेमाल को रोकने और परीक्षा के निष्पक्ष संचालन में मदद करने के लिए उठाया गया है।"

आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग का एक आधिकारिक संदेश भी साथ लगाया है और सभी मेडिकल कॉलेजों को सलाह का 'सख्ती से पालन' करने का निर्देश दिया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा में ईमानदारी, पारदर्शिता और कुशलता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया। एक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए, धर्मेंद्र प्रधान ने सभी अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया और अधिकारियों से कहा कि वे दोबारा परीक्षा के निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन के लिए जरूरी इंतजाम पक्का करें।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम