मुंह की अच्छी सेहत के लिए आयुष मंत्रालय ने दी 'गंडूषा' प्रैक्टिस की सलाह, जानें इसके फायदे

मुंह की अच्छी सेहत के लिए आयुष मंत्रालय ने दी 'गंडूषा' प्रैक्टिस की सलाह, जानें इसके फायदे

नई दिल्ली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। आयुष मंत्रालय की ओर से शनिवार को मुंह की सेहत को अच्छा रखने के लिए पारंपरिक उपचार पद्धति गंडूषा की प्रैक्टिस को लेकर जानकारी साझा की गई है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में आयुष मंत्रालय ने लिखा, "अपने दिन की शुरुआत गंडूषा से करें, जो एक पुरानी आयुर्वेदिक ओरल केयर प्रैक्टिस है और मुंह की पूरी सेहत में मदद करती है।"

मंत्रालय की ओर से लिखा गया, "एक हेल्दी दिनचर्या के हिस्से के तौर पर यह पारंपरिक माउथ रिंस ज्यादा प्यास को रोकने, स्वाद समझने की क्षमता को बेहतर बनाने और नैचुरली मुंह की सफाई बनाए रखने में मदद करता है। इस आसान रोजाना की आदत को अपनाएं और आयुर्वेद के फायदों का अनुभव करें। एक बार में एक ध्यान देने वाली आदत अपनाएं।"

आयुष मंत्रालय ने बीते दिन शुक्रवार को अर्धचक्रासन को लेकर जानकारी साझा की थी। आयुष मंत्रालय की ओर से 'एक्स' पोस्ट में लिखा गया, "अर्धचक्रासन (हाफ व्हील पोज) रीढ़ की हड्डी की फ्लेक्सिबिलिटी को बेहतर बनाने, पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करने और बेहतर पोस्चर में मदद करता है। रेगुलर प्रैक्टिस से, सही गाइडेंस में सही तरीके से करने पर, सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के मैनेजमेंट में भी मदद मिल सकती है।"

बीते दिन आयुष मंत्रालय ने नारी बनने से लेकर मां बनने तक एक बैलेंस्ड लाइफस्टाइल के बारे में पोस्ट शेयर किया था। मंत्रालय की ओर से लिखा गया था, "नारी बनने से लेकर मां बनने तक एक बैलेंस्ड लाइफस्टाइल अपनाना मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। पूरा आराम, अच्छी साफ-सफाई, रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी और समय पर एंटीनेटल चेक-अप एक हेल्दी प्रेग्नेंसी और बच्चे के जन्म के अच्छे अनुभव में मदद करते हैं।

आयुष मंत्रालय की ओर से आगे लिखा गया था, "आज की छोटी-छोटी, ध्यान देने वाली आदतें आपके और आपके बच्चे के लिए एक हेल्दी कल बनाने में मदद कर सकती हैं।"

--आईएएनएस

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